दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा
हिंदी कवितादिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा दिनकर दिनकर से हुए,हिन्दी हिन्द प्रकाश।तेज सूर जैसा रहा, तुलसी सा आभास।।.जन्म सिमरिया में लिये, सबसे बड़े प्रदेश।सूरज सम फैला किरण, छाए भारत देश।। भूषण सा साहित्य ध्रुव, प्रेमचंद्र सा धीर।आजादी के हित लड़े,दिनकर कलम कबीर।। भारत के गौरव बने, हिन्दी के सरताज।बने हिन्द के राष्ट्रकवि,हम कवि करते
दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा Read More »

