दीदी की डायरी पर कविता/ जानसी पटेल

दीदी की डायरी पर कविता/ जानसी पटेल

दीदी की डायरी में, अनगिनत कहानियाँ,
सपनों की बातें और बचपन की नादानियाँ।

रंग-बिरंगे पन्ने, सजी यादों से प्यारे,
सुख-दुःख के पल, हर पन्ने में गुज़ारे।

पहला प्यार, पहली दोस्ती की कहानी,
स्कूल के दिन, और परीक्षा की निशानी।

माँ की डाँट, पापा का प्यार भरा पत्र,
हर पन्ना बोले, जैसे हो कोई मंत्र।

आँखों में सपने, भविष्य की उड़ान,
दीदी की डायरी में, सजी हर एक जान।

रात की खामोशी में, जब सब सो जाते,
दीदी की डायरी, मेरे संग परह जाते।

भावनाओं का दरिया, उसमें बहता,
हर पन्ना जैसे, जीवन का रहस्य कहता।

दीदी की डायरी, अनमोल धरोहर,
स्मृतियों का खजाना, सजीव चित्रों का सफर।

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