कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

अगर सत्य चुभता है, तो ‘नाइसनेस’ मार डालती है

हिंदी कविता

If Truth Hurts, Niceness Kills(अगर सत्य चुभता है, तो ‘नाइसनेस’ मार डालती है)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, दृष्टान्तयुक्त अतुकांत कविता) जो तुम्हेंवही कहेजो तुम सुनना चाहते हो—उसे तुम“अच्छा इंसान” कहते हो। जो तुम्हेंवही कहेजो तुम्हें सुनना ज़रूरी है—उसे तुमनिर्दयी मान लेते हो। कितने भोले हैं हम—मुस्कान पर जीवन गिरवी रख देते हैं,दो मीठे झूठहमें काफ़ी लगते हैंप्यार मान

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अधिकांश ‘शास्त्र’ केवल पुराने ग्रंथ हैं

हिंदी कविता

अधिकांश ‘शास्त्र’ केवल पुराने ग्रंथ हैं(Most ‘Scriptures’ Are Just Old Books)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, दृष्टान्तयुक्त, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जो समय से बँधा है,वह बदलेगा—और जो बदले,उस पर टिकनाकैसे संभव है? सच्ची आध्यात्मिकताउसकी खोज करती हैजो नहीं बदलता—क्योंकिकेवल वहीभरोसेमंद है। वेश बदले,रीतियाँ बदलीं,देवताओं के नाम बदले,कथाएँ बदलीं—हर सदी नेअपने रंग चढ़ाए। तो क्यायही सत्य था? अगर सत्यपोशाक में

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स्पष्टता विकल्प नहीं छोड़ती

हिंदी कविता

स्पष्टता विकल्प नहीं छोड़ती(Clarity Leaves No Alternatives)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जब स्पष्टता होती है,तो चुनावएक बोझ नहीं रहता। सोचो—अगर तुम जानते होकि तुम कौन हो,तुम्हें क्या चाहिए,तो क्याफिर भीउलझन बचती है? फिर यहघुमावदार सोच क्यों?यह चक्करदार प्रश्न क्यों?इतने विकल्पआख़िर आते कहाँ से हैं? विकल्पतथ्यों में नहीं होते—तथ्य तोएक होते हैं,निर्विवाद,सीधे। तथ्यों काकोई विकल्प नहीं

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स्पष्टता के बिना साहस उन्माद है

हिंदी कविता

स्पष्टता के बिना साहस उन्माद है(Courage without Clarity Is Hysteria)(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) साहस की बात नहीं है,बातस्पष्टता की है। साहसअक्सर सस्ता मिल जाता है—थोड़ी लालच,थोड़ा नशा,थोड़ा हार्मोनल उफान,और डरगायब हो जाता है। भीड़ मेंहीरो पैदा हो जाते हैं,धुंध मेंमृत्यु से भीलड़ लेने का दावा। तीन जाम के बादअहंकारसात मंज़िल कूदने कोतैयार हो जाता

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सकारात्मकता से मुक्ति

हिंदी कविता

Freedom from Positivity(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जिसे तुम“सकारात्मक” कहते हो,वह तभी बनता हैजब भीतरएक केंद्र खड़ा कर दिया जाता है। केंद्र बदला,तो अर्थ बदल गया—आज जो सकारात्मक है,कल वहीनकारात्मक कहलाएगा। क्योंकि यह केंद्रसत्य का नहीं,अहंकार का होता है—सीखा हुआ,व्यक्तिगत,डरा हुआ। हर किसी कीअपनी positivity है,इसलिएयह शब्दमार्गदर्शक नहीं,भ्रमकारी बन जाता है। जिसे तुम सकारात्मक कहते

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सेल्फ-हेल्प क्यों मदद नहीं करती

हिंदी कविता

Why Self-Help Doesn’t Help(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जिसे तुम self-help कहते हो,वह अक्सरअहंकार कीघबराई हुईबचाव-योजना होती है। अहंकारअपने ही कर्मों सेडरा हुआ है,और चाहता है—कोई आए,उसे बचा ले। मदद की यह चीखबाज़ार तक पहुँचती है,और तुरंतपुस्तकें जन्म लेती हैं,सेमिनार सजते हैं,वीडियो चमकने लगते हैं। पर एक प्रश्नलगभग कभी नहीं पूछा जाता—यह स्व है क्या,जिसे

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अनिश्चित रहें, जीवित रहें

हिंदी कविता

Stay Uncertain, Stay Alive(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) भ्रम में होनामर जाना नहीं है—खोज में होनाजीवित होना है। यह बेहतर हैकि तुम प्रश्नों के साथ चलो,बजाय इसकेकि झूठे विश्वास मेंरुक जाओ। तुम्हें confidence नहीं चाहिए,तुम्हें चाहिएईमानदारीऔर जिज्ञासा। जो बहुत आत्मविश्वासी दिखते हैं,अक्सरअपने डर कोमुस्कान से ढँक लेते हैं।उनका “मैं जानता हूँ”कभी-कभीअज्ञान का शोर होता है।

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बकवास जिसे हम जीवन कहते हैं

हिंदी कविता

The Blabber We Call Life(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) हमारा पूरा जीवनखोखले शब्दों कीनींव पर खड़ा है—और फिर भीहम ऐसे चलते हैंजैसे सब समझते हों। तुम कर्म करते होक्योंकि तुम्हें लगता हैयह ज़िम्मेदारी है।तुम चिपके रहते होक्योंकि इसे प्रेम कहते हो। तुम रुक जाते होकर्तव्य के नाम पर,और दौड़ते होएक ऐसे भविष्य के पीछेजिसका अर्थतुम्हें

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कोई भी आदत अच्छी आदत नहीं होती

हिंदी कविता

No Habit Is a Good Habit(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जीवनआदत और चुनाव के बीचलगातार खींचतान है—और अक्सरआदत जीत जाती है,क्योंकि वहचुपचाप चुनाव काभेष धर लेती है। आदत का अर्थ सरल है—दोहरावऔर अज्ञान।तुम करते हो,पर जानते नहीं क्यों। एक बटन दबता है,एक पैटर्न चल पड़ता है—न प्रश्न,न चेतना।बसएक मृत-प्रतिवर्त। जिस क्षणआदत हावी होती है,तुम मौजूद

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आप रचनात्मकता नहीं बना सकते

हिंदी कविता

आप रचनात्मकता नहीं बना सकते रचनात्मकता बनाई नहीं जाती—वह घटती है।जब मनफालतू बोझ से मुक्त होता है। तुम उसे पैदा नहीं करते,तुम बसदरवाज़ा साफ करते हो।वह स्वयं आती है,जहाँ जगह खाली हो। क्या रोकता है रचना को?भरा हुआ मन—चिंताओं से,लालसाओं से,परिणामों की भूख से। जो हर पल पूछता है—“अंत में क्या मिलेगा?”वह नयाकभी नहीं रच

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बिना समझ के धाराप्रवाह बोलना शोर है

हिंदी कविता

Fluency without Insight Is Noise(विचारप्रद, सत्यनिष्ठ, विचारोत्तेजक अतुकांत कविता) जहाँ शब्दअज्ञान और इच्छा की हड़बड़ी से निकलते हैं,वहाँ भीतरडर छिपा होता है।उसी डर को ढकने के लिएहम confidence पहन लेते हैं। आज की संस्कृति मेंबोलना ही योग्यता बन गया है—जितना तेज़,जितना आत्मविश्वासी,उतना ही “काबिल”। मंच पर खड़ा बच्चाउँगली उठाए,सीखी हुई दृढ़ता के साथ—जैसे सत्य उसकी

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क्षमा के परे

हिंदी कविता

क्षमा के परे तुमरंजिश इसलिए रखते होक्योंकितुम चाहते होलोगतुम्हारी कल्पनाओं मेंफिट हों। वे नहीं होते।औरघावइच्छाओं को लगता है। तुम्हारी अपेक्षाएँदूसरों कोतुम परशक्ति दे देती हैं—औरतुम्हेंअसुरक्षित छोड़ जाती हैं। दूसरों कोअपनी अपेक्षाओं सेमुक्त कर दो। दूसरावह नहीं हैजोतुम सोचते हो—वहवही हैजो वह है। जबलोगतुम्हारी चाह केअनुसार नहीं चलते,तोदर्दसिर्फचाह को होता है। यह देख पानाकिअधिकांश लोगसंस्कारों कीमशीनें

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