कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

कंप्यूटर सुरक्षा का दिवस पर लेख

हिंदी कविता,

कंप्यूटर सुरक्षा का दिवस कंप्यूटर की सुरक्षा , होती है राष्ट्र की उन्नति । थोड़े से लापरवाही में, देखो हो जाये ना क्षति । कर रही आगाह ,कंप्यूटर सुरक्षा का  दिवस । आज मानव को बड़े खतरे, जो होते  वायरस । मनीभाई नवरत्न कंप्यूटर सुरक्षा दिवस 30 नवंबर को सूचना के संरक्षण के अंतर्राष्ट्रीय दिवस […]

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स्वच्छ भारत

हिंदी कविता

स्वच्छ भारत➖➖➖➖➖रचनाकार- महदीप जंघेलविधा- गीत (स्वच्छता गीत) स्वच्छता की ज्योति जलाना है।भारत को स्वच्छ बनाना है।।सब लोगो को समझाना है।भारत को स्वच्छ बनाना है।। शौच खुले में न जाओ ,गन्दगी कहीं न फैलाओ।जो भी खुले में जाता है,कई बीमारियों को बुलाता है।।पर्यावरण स्वच्छ बनाना है,शौचालय में ही जाना है।।स्वच्छता की ज्योति………. कूड़ा कचरा न फैलाना,बीमारियों

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मैं हूं धरती

हिंदी कविता

तुम हो आकाश,मैं हूं धरती नज़र उठा कर सभी ने देखा तुम्हेऔर हमेशा सेसभी ने रौंदा मुझे मिलना चाहा जब-जब तुमनेमिले तुम तब-तब मुझसे कभी बारिश बन करकभी आंधी बन करकभी चांदनीतो कभी धूप बन करमगर मैं रही वहीँ हमेशा ही जब हुए तुम खफातो वो भी दिखला दियाकभी बिजली बन कर गरजेकभी ढा दिया

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सच बताना

हिंदी कविता

सच बताना सच बतानाबातें न बनानान मुंह चिढ़ानाऔर हाँ!मुझे नहीं पसंद तुम्हारा गिडगिडाना कि मेरे मरने के बादतुम्हे मेरी सदा भी आएगीकौन सी बात तुम्हे रुलाएगी मुझे पता हैमेरे मरने के बाद भीमैं थोडा बनी रहूंगी जैसे रह जाती हैखंडहर होते मंदिर मेंकभी गूंजी नूपुरों की झंकार सुबह के चौंधियाते उजाले मेंठिठका चंद्रमा रहूंगी तुम्हारे

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सूरज देता रौशनी हर कर तम का भार

हिंदी कविता

सूरज देता रौशनी  हर कर तम का भार सूरज देता रौशनी, हर कर तम का भार।लेकर के आगोश में, करता दिन विस्तार।। नभ में लाली छा गई, लेकर नव मुस्कान।जीव-जंतु जगने लगे, जगने लगा किसान।। उदर पूर्ति करने चले, छोड़े सभी मकान।दिन भर श्रम को पूजते, आया नहीं थकान।। समय साथ होता तभी, राही हो

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छंद की परिभाषा

हिंदी कविता

छंद की परिभाषा छंद शब्द ‘चद्’ धातु से बना है जिसका अर्थ है ‘ आह्लादित ” , प्रसन्न होना।‘वर्णों या मात्राओं की नियमित संख्या के विन्यास से यदि आह्लाद पैदा हो, तो उसे छंद कहते हैं’।छंद का सर्वप्रथम उल्लेख ‘ऋग्वेद’ में मिलता है। छंद के अंग- 1.चरण/ पद- छंद के प्रायः 4 भाग होते हैं।

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पिता धर्म निभना अति भारी-बाबू लाल शर्मा

समाज और यथार्थ

फादर्स डे पिताओं के सम्मान में एक व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व हैं जिसमे पितृत्व, पितृत्व-बंधन तथा समाज में पिताओं के प्रभाव को समारोह पूर्वक मनाया जाता है। अनेक देशों में इसे जून के तीसरे रविवार, तथा बाकी देशों में अन्य दिन मनाया जाता है।

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