कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

shri Krishna

श्री कृष्ण स्तुति

Uncategorized

श्री कृष्ण स्तुति सीता – छंद परिचय – पंचदशाक्षरावृत्ति गण-विन्यास–र त म य र SIS SSI SSS ISS SIS     –साँवरे श्रीकृष्ण मेरे दुर्गुणों को ही हरो।    औरकोई भी कमी को ध्यान में नाही धरो। मैं नवाऊँ माथ गोपीनाथ नैया तार दो। दीनता मेरी मिटाके दोष सारे मार दो।।   मान लो मैं

श्री कृष्ण स्तुति Read More »

shri Krishna

राधा पुकारे तोहे श्याम- केवरा यदु मीरा की भजन

Uncategorized

जिसका प्रकार भक्तिकाल में मीरा अपने श्रीकृष्ण के भक्ति में रंग गई थी, वैसे ही आज राजिम की कवयित्री केवरा यदु मीरा अपने श्याम के रंग में रंगकर अपना भजन लिखी जा रही है. उनके भजन संग्रह में से

राधा पुकारे तोहे श्याम- केवरा यदु मीरा की भजन Read More »

shri Krishna

गिरिराज गोवर्धन की महिमा

हिंदी कविता

गिरिराज गोवर्धन की महिमा संसार में भक्ति प्रेम अनुरक्ति से मिलता छप्पर फाड़।ब्रज वासियों की रक्षा में उठाये कृष्ण गोवर्धन पहाड़। द्वापर युग की बात,क्यों पूजन करें हम इंद्र देवता को।जब गिरि गोवर्धन चारा दें,सिचिंत करें धरती मात को।जिनसे हम ब्रज वासियों को,मिलता है लाभ साक्षात।पूजन करें गिरि गोवर्धन की,सह लेंगें इंद्र के ताप को।जब

गिरिराज गोवर्धन की महिमा Read More »

shri Krishna

श्रीकृष्ण पर कविता – रेखराम साहू

हिंदी कविता

श्रीकृष्ण पर कविता – रेखराम साहू महाव्याधि है मानवता पर, धरा-धेनु गुहराते हैं।आरत भारत के जन-गण,हे कान्हा! टेरते लगाते हैं।। चित्त भ्रमित संकीर्ण हुआ है,हृदय हताहत जीर्ण हुआ है।धर्मभूमि च्युतधर्म-कर्म क्यों,अघ अधर्म अवतीर्ण हुआ है ।।संस्कृति के शुभ सुमन सुगंधित शोकाकुल झर जताते हैं।महाव्याधि मानवता पर है,धरा- धेनु गुहराते हैं।। काल,काल-कटु कंस हुआ है,तम-त्रिशूल विध्वंस

श्रीकृष्ण पर कविता – रेखराम साहू Read More »

shri Krishna

श्रीकृष्ण पर कवितायें- जन्माष्टमी पर्व विशेष

नारी जीवन और संवेदना

श्रीकृष्ण पर कवितायें हठ कर बैठे श्याम, एक दिन मईया से बोले।ला के दे-दे चंद्र खिलौना चाहे तो सब ले-ले।हाथी ले-ले, घोड़ा ले-ले, तब मईया बोली।कैसे ला दूं चंद्र खिलौना, वो तो है बहुत दूरी। दूर गगन में ऐसे चमके, जैसे राधा का मुखड़ा।देख के ऐसा रूप सलोना कान्हा का मन डोला।राधा रानी को आज

श्रीकृष्ण पर कवितायें- जन्माष्टमी पर्व विशेष Read More »

shri Krishna

सम्पूर्ण श्री कृष्ण गाथा पर कविता

हिंदी कविता

सम्पूर्ण श्री कृष्ण गाथा कृष्ण लीलाकाली अँधेरी रात थी ,होने वाली कुछ बात थी ,कैद में थे वासुदेव,देवकी भी साथ थीं। कृष्ण का जन्म हुआ,हर्षित मन हुआ,बंधन मुक्त हो गए,द्वारपाल सो गए। एक टोकरी में डाल ,सर पर गोपाल बाल,कहीं हो न जाए भोर,चल दिए गोकुल की और। रास्ते में यमुना रानी,छूने को आतुर बड़ीं

सम्पूर्ण श्री कृष्ण गाथा पर कविता Read More »

1 मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 May International Labor Day

मजदूर की दशा पर कविता

समाज और यथार्थ

मजदूरों के नाम समर्पित यह दिन 1 मई है। मजदूर दिवस को लेबर डे, श्रमिक दिवस या मई डे के नाम से भी जाना जाता है। श्रमिकों के सम्मान के साथ ही मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के उद्देश्य से भी इस दिन को मनाते हैं, ताकि मजदूरों की स्थिति समाज में मजबूत हो

मजदूर की दशा पर कविता Read More »

Global-Warming-

पृथ्वी माता पर कविता/  विजय कुमार कन्नौजे

हिंदी कविता

पृथ्वी माता पर कविता/  विजय कुमार कन्नौजे मां की गरिमा मां ही जानेंइनकी महिमा कौन बखानेमातृ भूमि को मेरा प्रणामसीना तानें जग को बचाने।। रसातल गगन बीच बैठकरसम भाव खुद में सहेज करपृथ्वी माता तुम्हें है प्रणामरक्षा कीजिए मां पुत्र मानकर हीरा पन्ना और सोना खानतेरी महिमा मां तुम ही जानखुशबू दिए मां तुम फुलों

पृथ्वी माता पर कविता/  विजय कुमार कन्नौजे Read More »

acid-rain

कारवाँ पर कविता / रमेश कुमार सोनी

प्रकृति और पर्यावरण

कारवाँ पर कविता / रमेश कुमार सोनी धरती माँ से सुनीकल एक कहानीदूध की नदियाँ औरसोने की चिड़िया थी कभीआँचल रत्नगर्भा औरपानी की अमृतधारा थी यहींवृक्षों की ठंडी छाँह औरखट्टे-मीठे फल का स्वादपरोसती थी वो कभी । आज मुझे वो मिली है-जहरीली हवाओं की दम घोंटू साँस औरअम्लीय वर्षा की चिंता लिएसीना छलनी हुएबोरवेल से

कारवाँ पर कविता / रमेश कुमार सोनी Read More »

chunav-ka-parva

लोकतंत्र का पर्व / आशीष कुमार

हिंदी कविता

लोकतंत्र का पर्व / आशीष कुमार लोकतंत्र का पर्व पावन परम हैमतदान हमारा पुनीत करम हैबज चुका है चुनावी बिगुलपक्ष-विपक्ष सबका मामला गरम है कोई कट्टरपंथी चरम हैकोई दिखाता खुद को नरम हैटर्र टरा रहे चुनावी मेंढकहर जगह मामला गरम है किसी का सब कुछ सिर्फ धरम हैकोई बूझे सिर्फ जात-पात का मरम हैसब कुछ

लोकतंत्र का पर्व / आशीष कुमार Read More »

mahatma gandhi

गांँधीजी का ज्ञान

हिंदी कविता,

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी का वर्णन कविता के माध्यम से किया गया है।

गांँधीजी का ज्ञान Read More »

beti

बिटिया के मुखड़े पर धवल मुस्कान

हिंदी कविता

बिटिया के मुखड़े पर धवल मुस्कान मनुजता शूचिता शुभता,खुशियों की पहचान होती है।जहाँ बिटिया के मुखड़े पर,धवल मुस्कान होती है।इसी बिटिया से ही खुशियाँ,सतत उत्थान होती है।जहाँ बिटिया के मुखड़े,पर धवल मुस्कान होती है। सदन में हर्ष था उस दिन,सुता जिस दिन पधारी थी।दिया जिसने पिता का नाम,यह बिटिया दुलारी थी।महा लक्ष्मी यही बेटी,यही वात्सल्य

बिटिया के मुखड़े पर धवल मुस्कान Read More »

Scroll to Top