जब होगा महक मिलन
हिंदी कविताजब होगा महक मिलन मिला किताब में सूखा गलाब,देख फिर ताजगी सी आई। याद आ गया वो सारा मंजरफिर खुद से खुद ही शरमाई। वो हसीन पल थे खुशियों भरासाज बजा ज्यो रागिनी आई। धड़कने दिल की हुई बेकाबूगात ने ली फिर से अंगड़ाई। अब जब होगा “महक” मिलनसोंच अंग में सिहरन भर आई। […]


