कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

जब होगा महक मिलन

हिंदी कविता

जब होगा महक मिलन मिला किताब में सूखा गलाब,देख फिर  ताजगी सी आई। याद आ गया वो सारा मंजरफिर खुद से खुद ही शरमाई। वो हसीन पल थे खुशियों भरासाज बजा ज्यो रागिनी आई। धड़कने दिल  की हुई बेकाबूगात ने ली फिर से अंगड़ाई। अब जब होगा “महक” मिलनसोंच अंग में सिहरन भर आई।   […]

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village based Poem

आना कभी गाँव में – बलवंत सिंह हाड़ा

हिंदी कविता

ग्राम या गाँव छोटी-छोटी मानव बस्तियों को कहते हैं जिनकी जनसंख्या कुछ सौ से लेकर कुछ हजार के बीच होती है। प्रायः गाँवों के लोग कृषि या कोई अन्य परम्परागत काम करते हैं। गाँवों में घर प्रायः बहुत पास-पास व अव्यवस्थित होते हैं। परम्परागत रूप से गाँवों में शहरों की अपेक्षा कम सुविधाएँ होती हैं। विकिपीडिया

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गरीबी पर कविता

हिंदी कविता

नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को नज़र अंदाज़ करते हैं गरीबी को सभी अब तो।भुलाकर के दया ममता सधा स्वारथ रहे अब तो। अहं में फूल कर चलता कभी नीचे नहीं देखा,मिले जब सीख दुनियाँ में लगे ठोकर कभी अब तो। बदल देता नज़ारा है सुई जब वक्त की घूमे,भले कितना करें अफ़सोस समय लौटे

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विदाई गीत /कविता

हिंदी कविता

तुम रुक न सको सौजन्य-अरुणा श्रीमाली तुम रुक न सको तो जाओ, तुम जाओ.. तुम रुक न सको तो जाओ, तुम जाओ… पढ़-लिख कर विश्राम न करना कर्म-क्षेत्र में आगे बढ़ना । यही कामना आज हमारी, तुम्हें इसे है पूरी करना । अपना भविष्य बनाओ, तुम जाओ ॥ विदा कर रहे आज तुम्हें हम, हृदय

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स्वागत समारोह गीत /कविता

हिंदी कविता

[1] उल्लास भरे दिल से ० सौजन्य-प्रतिभा गोयल उल्लास भरे दिल से हम स्वागत करते हैं आंगन में बहार आई, औ’फूल बरसते हैं। उल्लास भरे दिल से….. ल पलकों से है प्रियवर, यह पंथ हमारा है। अरमान भरे दिल में, हम खुशियाँ मनाते हैं ।। उल्लास भरे दिल से. घड़ियाँ ये सुहानी हैं, खुशियों का

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patang subh makar sankranti

मकर संक्रान्ति पर सुमित्रानंदन पंत की कविता

समाज और यथार्थ

14 जनवरी के बाद से सूर्य उत्तर दिशा की ओर अग्रसर (जाता हुआ) होता है। इसी कारण इस पर्व को ‘उतरायण’ (सूर्य उत्तर की ओर) भी कहते है। और इसी दिन मकर संक्रान्ति पर्व मनाया जाता है. जो की भारत के प्रमुख पर्वों में से एक है।  सुमित्रानंदन पंत जन पर्व मकर संक्रांति आजउमड़ा नहान को

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सरस्वती-पूजन वसंत पंचमी पर कविता

हिंदी कविता

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मतान्तरों के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर ज्ञान, विद्या, कला, साहित्य और संगीत की देवी मां सरस्वती का जन्म हुआ था। बसंत पंचमी के दिन से ही बसंत ऋतु की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद से सर्दियाँ धीरे-धीरे-धीरे-धीरे

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वाल्मीकि जयंती पर कविता

हिंदी कविता

वाल्मीकि जयंती पर कविता: सनातन धर्म में महर्षि वाल्मिकी को प्रथम कवि मनाया गया। दूसरी ओर महान ग्रंथ रामायण की रचना थी। वाल्मिकी जयन्ती महर्षि के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। एक भगवान् आप o आचार्य मायाराम ‘पतंग’ एक भगवान् आप थे मानव महा मृत्तिका का ढेर अपने शीश पर कैसे सहा ?

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विजयादशमी पर कविता

हिंदी कविता

देशभर में दशहरे (Dussehra) के त्योहार पर रावण का पुतला दहन करने की परंपरा है. विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी. नौ दिन की नवरात्रि के दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है और दशहरे से 21वें दिन पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. हे राम तुम्हारी महिमा o आचार्य

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कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता

हिंदी कविता

कृष्ण जन्माष्टमी पर कविता: ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था और वे अपने सबसे बड़े वर्ष के अधिनायक बने थे। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण – देवकी और वासुदेव के पुत्र – का जन्म मथुरा के राक्षस राजा कंस को नष्ट करने के लिए हुआ था। ओ प्यारे

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रक्षाबंधन पर कविता

हिंदी कविता

रक्षाबंधन पर कविता: रक्षा बंधन, या राखी, भाई-बहनों के बीच अटूट प्यार को दर्शन देने के लिए मनाया जाता है। यह त्यौहार अप्राकृतिक श्रावण मास (सावन माह) की पूर्णिमा तिथि (पूर्णिमा दिवस) पर आधारित है। इस दिन बहन पूजा- माणिक्य वैज्ञानिकों की कलाइयों पर राखियां बांधती हैं और उनके स्वास्थ्य एवं जीवन में सफल होने

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गुरु पूर्णिमा पर कविता

हिंदी कविता

गुरु पूर्णिमा पर कविता: गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है क्योंकि आज ही के दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इस दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते हैं… गुरुस्तुति गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु ,गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः । गुरुवर मेरा उद्धार करो o आचार्य

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