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@फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन पर हिंदी कविता

फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन : होलिका दहन, हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें होली के एक दिन पहले यानी पूर्व सन्ध्या को होलिका का सांकेतिक रूप से दहन किया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में मनाया जाता है।[

होली सम्बन्धी दोहे- हरीश

हृदय-उद्गार--होली सम्बन्धी दोहे holi ----------------------------------------दिया संस्कृति ने हमें,अति उत्तम उपहार,इन्द्रधनुष सपने सजे,रंगों का त्यौहार।1।नव पलाश के फूल ज्यों,सुन्दर गोरे अंग,ढ़ोल-मंजीरा थाप पर,थिरके बाल-अनंग।2।मलयज को ले अंक में,उड़े अबीर-गुलाल,पन्थ नवोढ़ा देखती,हिय में शूल मलाल।3।कसक पिया के मिलन की,सजनी अति बेहाल,सराबोर…
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हम तुम छेड़ें राग-बाबू लाल शर्मा

सरसी छंद विधान:-१६ + ११ मात्रा ,पदांत २१(गाल) चौपाई+दोहा का सम चरण हम तुम छेड़ें राग बीत बसंत होलिका आई,अब तो आजा मीत।फाग रमेंगें रंग बिखरते,मिल गा लेंगे गीत।खेत फसल सब हुए सुनहरी,कोयल गाये फाग।भँवरे तितली मन भटकाएँ,हम तुम छेड़ें राग।घर आजा अब प्रिय परदेशी,मैं करती फरियाद।लिख कर भेज रही मैं पाती,रैन दिवस की याद।याद मचलती पछुआ चलती,नही सुहाए…
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होली चालीसा – बाबू लाल शर्मा

होली चालीसा - बाबू लाल शर्मा याद करें प्रल्हाद को,भले भलाई प्रीत।तजें बुराई मानवी, यही होलिका रीत।। हे शिव सुत गौरी के नंदन।करूँ आपका नित अभिनंदन।।१ मातु शारदे वंदन गाता।भाव गीत कविता में आता।।२ भारत है अति देश विशाला।विविध धर्म संस्कृतियों वाला।।३ नित मनते त्यौहार अनोखे।मेल मिलाप,रिवाजें चोखे।।४ दीवाली अरु ईद मनाएँ।फोड़…
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फागुन के रंग

फागुन के रंग हर इंसान अपने रंग में रंगा है,तो समझ लो फागुन की होली है।हर रंग कुछ कहता ही है,हर रंग मे हंसी ठिठोली है। जीवन रंग को महकाती आनंद उल्लास से,जीवन महक उठता है एक-दूसरे के विश्वास से।प्रकृति की हरियाली मधुमास की राग है,नव कोपलों से लगता कोई लिया वैराग है। हर गले शिकवे को भूला दो,फैलाओं प्रेम रूपी झोली है।हर इंसान अपने रंग में…
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होलिका दहन पर कविता-प्रवीण त्रिपाठी

होलिका दहन पर कविता holi मधुमासी ऋतु परम सुहानी, बनी सकल ऋतुओं की रानी।1ऊर्जित जड़-चेतन को करती, प्राण वायु तन-मन में भरती।2कमल सरोवर सकल सुहाते, नव पल्लव तरुओं पर भाते।3पीली सरसों ले अंगड़ाई, पीत बसन की शोभा छाई।4 वन-उपवन सब लगे चितेरे, बिंब करें मन मुदित घनेरे।5आम्र मंजरी महुआ फूलें, निर्मल जल से पूरित कूलें।6कोकिल छिप कर राग सुनाती, मोहक…
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होलिका दहन – कज प्रियम

होलिका दहन - कज प्रियम फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन Falgun Purnima Holika Dahan बुराई खत्म करने का प्रण करेंआओ फिर होलिका दहन करें।औरत की इज्जत का प्रण करें,आओ फिर होलिका दहन करें। यहां तो हर रोज जलती है नारीदहेज कभी दुष्कर्म की है मारीरोज कोई रावण अपहरण करेपहले इनका मिलकर दमन करेआओ फिर..... हर घर प्रह्लाद सा कुंठित जीवनमां बाप के सपनों मरता…
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रंगो का त्योहार होली – रिखब चन्द राँका

रंगो का त्योहार होली - रिखब चन्द राँका holi होली पर्व रंगों का त्योहार,पिचकारी पानी की फुहार।अबीर गुलाल गली बाजार,मस्तानो की टोली घर द्वार। हिरण्यकश्यप का अभिमान,होलिका अग्नि दहन कुर्बान।प्रहलाद की प्रभु भक्ति महान,श्रद्धा व विश्वास का सम्मान। अग्नि देव का आदर सत्कार,वायु देव का असीम उपकार।लाल चुनरिया भी  चमकदार,प्रह्लाद को भक्ति का…
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