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@आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी माँ दुर्गा पूजा पर हिंदी कविता

अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी माँ दुर्गा पूजा : दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है। अतः दुर्गा पूजा का पर्व बुराई पर भलाई की विजय के रूप में भी माना जाता है।

नवधा भक्ति नौ दिन ले

नवधा भक्ति नौ दिन ले आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी माँ दुर्गा पूजा Navami Maa Durga Puja from Ashwin Shukla Pratipada नव दिन बर नवरात्रि आये, सजे माँ के दरबार हे ! जगजननी जगदम्बा दाई के, महिमा अपरंपार हे !! एक नहीं पूरा नौ दिन ले दाई के सेवा करबो ! नवधा भक्ति नौ दिन ले, अपन जिनगी म धरबो! अंधियारी जिनगी चक हो जाही, खुशियाँ आही अपार हे ! …
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माँ दुर्गा पिरामिड कविता

माँ दुर्गा पिरामिड कविता माँ!रूपामोहिनीवर दात्रीअरि मर्दनीसंकट हरणीजय जगजननी ।माँनेहउदधिआल्हादिनीसर्वव्यापिनीमंगल करणीसर्व दुख हरणी ।माँसृष्टाब्रम्हाण्डअतुलितत्रिगुण मयीमारण कारणहे काली कपालिनी।माँ!ज्योतिस्वरूपाजगमगचिर उजासपरम प्रकाशहे उर्जा स्त्रोतस्वनी।माँबूँदविराटकण कणधरा गगनउदरपोषिणीनमन अन्नपूर्णे।माँ!दुर्गाकालिकेशिव शक्तिमधुर…
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चंद्रघंटा माता पर कविता

चंद्रघंटा माता पर कविता        चंद्रघंटा देवी माता       सौम्य शांत रूप भाता               अलौकिक स्वरूप है                     श्रद्धा से मनाइए।।           सिंह की सवारी करे       हाथों में शस्त्रास्त्र धारे               सिर अर्द्धचंद्र घंट                   स्वरूप निहारिये।।             स्वर्णिम रूप है प्यारा     सारी दुनिया से न्यारा…
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दोहे – जगदम्बा महिमा

hindi doha || हिंदी दोहा दोहे "जगदम्बा महिमा" नवराते हैं चल रहे, करें मात का ध्यान।सबका बेड़ा पार हो, माता दो वरदान।। मात हाथ सर पे रखें, बने सभी के काम।परम सत्य इस विश्व का, माँ अम्बा का नाम।। सभी उपासक मात के, चलो चलें दरबार।ध्यान भक्ति मन में धरें, होगा बेड़ा पार।। रोली अक्षत को चढ़ा, पूजें माँ को आप।माता दें वरदान तो, मिटे जगत के…
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माँ दुर्गा से संबंधित हाइकु -सुधा शर्मा

माँ दुर्गा से संबंधित हाइकु आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी माँ दुर्गा पूजा Navami Maa Durga Puja from Ashwin Shukla Pratipada 1 देवी मंदिर झिलमिलाते जोतलगी कतार 2 भक्तों की भीड़ मनोभिलाषा रखें माँ के चरण 3फहरे ध्वजकाली पीली रक्तिममाँ के आँगन 4विभिन्न रूपशक्ति की आराधनाआत्म उजास 5घंटियों संगगूंजते जयकारामाँ शेरावाली…
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दुर्गा के नौ रूप- (दोहे)-केतन साहू “खेतिहर”

दुर्गा के नौ रूप- 9 दोहे शुभारंभ नवरात्र का, जगमग है दरबार। गूंज उठी चहुँ ओर है, माता की जयकार।। शक्ति स्वरूपा मात है, दुर्गा का अवतार।दयामयी शिव-शक्ति को, पूजे सब संसार।। नौ दिन के नवरात्र में, माँ के रूप अनूप। सौम्य शीतला है कहीं, रौद्र कालिका रूप।। प्रथम शैलपुत्री जगत, माता का अवतार। ब्रम्हचारिणी मात को, पूजें दूजे…
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आदि भवानी-रामनाथ साहू ” ननकी ”                  

आदि भवानी नवदुर्गा नव रूप है , नित नव पुण्य प्रकाश ।साधक जन के हृदय से , तम मल करती नाश ।।तम मल करती नाश , विमलता से मति भरती…
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गौरी पर दोहे

"गौरी पर दोहे" 1.शंकर की अर्धान्गिनी, गौरी जी कहलाय बैठी शिव के वाम में, जोड़ी परम सुभाय नव दुर्गा नव रूप की,संसार करे भक्ति जग जननी माँ तू उमा,देती सबको शक्तिकर जोड़ धूप दीप ले,भक्त खड़े है द्वार नर नारी पूजन करे,करना माँ उद्धारमाँ महिषासुर मर्दिनी,सिंह पर हो सवार अद्भुत महिमा माय की,भक्त करे जयकार5.विपत पड़ा जब भूमि…
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