3 जुलाई अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर कविता

doha sangrah

प्लास्टिक मुक्त दिवस पर दोहे-अंचल

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

आज प्लास्टिक ने हमारे पर्यावरण के लिए बहुत खतरा पैदा कर दिया है। तो जनजागृति हेतु यहां पर प्लास्टिक मुक्त दिवस पर दोहे दिया गया है प्लास्टिक मुक्त दिवस पर दोहे पन्नी की उपयोगिता,करें बन्द तत्काल।खतरा जीवन के लिए,जीना करे मुहाल।। धीमा विष है जगत में ,सेहत करे प्रभाव।आओ इनसे सब करें,रिस्ता खत्म लगाव।। जहर […]

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ये प्लास्टिक अमर है(ye plastic amar hai)

प्रकृति और पर्यावरण,

ये प्लास्टिक अमर है(ye plastic amar hai) ये प्लास्टिक अमर है धरा के लिये जहर है। बन रहा है अब खतरा ,प्रकृति पर ये कहर है। करता है जल प्रदुषितजल रसायन उत्सर्जितहोता है बड़ा जहरीलाअब उत्पादन हो वर्जित जब पेट्रोलियम खपता हैतब जाकर यह बनता है।कभी नहीं यह सड़ता हैभूमि को बंजर करता है ।

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पृथ्वी दिवस विशेष : ये धरा अपनी जन्नत है

हिंदी कविता, ,

ये धरा अपनी जन्नत है ये धरा,अपनी जन्नत है।यहाँ प्रेम,शांति,मोहब्बत है। ईश्वर से प्रदत्त , है ये जीवन।बन माली बना दें,भू को उपवन।हमें करना अब धरती का देखभाल।वरना पीढ़ी हमारी,हो जायेगी कंगाल।सब स्वस्थ रहें,सब मस्त रहें।यही “मनी” की हसरत है॥1॥ ये धरा …… चलो कम करें,प्लास्टिक का थैला।उठालें झाड़ु हाथों में,दुर करें मैला।नये पौधे लगायें,

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