वह शक्ति हमें दो दयानिधे

वह शक्ति हमें दो दयानिधे

कविता संग्रह
कविता संग्रह

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें l

पर सेवा पर उपकार में हम, जगजीवन सफल बना जावें ll

हम दीन दुखी निबलों विकलों, के सेवक बन संताप हरें l

जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारे खुद तर जावें ll

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें …..

छल दंभ द्वेष, पाखंड झूठ, अन्याय से निश दिन दूर रहें l

जीवन हो शुद्ध सरल अपना, सूचि प्रेम सुधा रस बरसावें ll

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें …..

निज आन मान मर्यादा का, प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे l

जिस पुण्य राष्ट्र में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें lI

वह शक्ति हमें दो दया निधि कर्तव्य मार्ग पर जावें l

पर सेवा पर उपकार में हम, जगजीवन सफल बना जावें ll

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top