मैं इंसान हूं मेरे भी अरमान है- मनीभाई नवरत्न
हिंदी कवितामैं इंसान हूं मेरे भी अरमान है- मनीभाई नवरत्न मैं इंसान हूं मेरे भी अरमान है ।जैसे तेरी पहचान वैसे मेरी पहचान है। जो तू सोचता है वह मेरी सोच है ।जो तू खोजता है वह मेरी खोज है।इस बात पर भला क्यों अनजान है ? मैं इंसान हूं….जब मैं राहों से गुजरता हूं तु […]
मैं इंसान हूं मेरे भी अरमान है- मनीभाई नवरत्न Read More »
