September 2022

doha sangrah

नवदुर्गा पर दोहा – बाबूलाल शर्मा

हिंदी कविता

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। ]शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। नवदुर्गा पर दोहा ~ १ ~मात शैल पुत्री प्रथम, कर पूजन नवरात।घट स्थापन पूजा करें, मिले सर्व सौगात।।. ~ २ ~ब्रह्मचारिणी […]

नवदुर्गा पर दोहा – बाबूलाल शर्मा Read More »

राष्ट्र भाषा पर छंद- बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

राष्ट्र भाषा पर छंद सुखद हिन्द महान बनाइए।मधुर बोल सदैव अपनाइए।प्रगति कारक भारत हो तभी।सरस काम करें अपना सभी। अजब ज्ञान भरें शुभदा लिए।सहज भावभरोस भव्य किए।गुण सभी इसमें जग आगरी।लखअमोलक है लिपि नागरी। महक मानवतामय है सिखो।मन लगाकर जागउठी लिखो।सँवर जाय तभी जग जानिये।बढ़ उठे शुचि भारत मानिये। जगत हिंद सु-बोल जगाइए।सरलता शुभ है

राष्ट्र भाषा पर छंद- बाबूराम सिंह Read More »

शिक्षा ज्ञान का दीपक है कविता -बाबूराम सिंह

समाज और यथार्थ

शिक्षा ज्ञान का दीपक है कविता सौभाग्यसे मिलाहै नरतन इसे सुफल बनाओ।शिक्षा ज्ञान का दीपकहै सरस सदा अपनाओ।। बिनविद्या नर पशु समहै कहती दुनियां सारीछाया रहता जीवन है में चहुँदिश अँधियारी।ज्ञान ध्यान भगवान बिना माया रहती है घेरे-सबकुछ होता ज्ञान बिना मति जाति है मारी। अतः ज्ञानालोक हेतु शिक्षा को सेतु बनाओ।शिक्षा ज्ञान का दीपक

शिक्षा ज्ञान का दीपक है कविता -बाबूराम सिंह Read More »

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर कविता – उपमेंद्र सक्सेना

हिंदी कविता

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर कविता दिखा गए जो मार्ग यहाँ वे, उसको सब अपनाएँदीनदयाल उपाध्याय जी को हम भुला न पाएँ। सन् उन्निस सौ सोलह में पच्चीस सितंबर आईनगला चंद्रभान मथुरा में, खुशियाँ गईं मनाईपिता भगवती प्रसाद जी माता बनीं राम प्यारीउठा पिता का साया फिर थी, संघर्षों की बारी वे मेधावी

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर कविता – उपमेंद्र सक्सेना Read More »

jai durga maa

माँ दुर्गा पर कविता -बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। माँ दुर्गा पर कविता -बाबुराम सिंह नित चरणों में रहे श्रध्दाभाव वर दो भक्ति अनन्य हो। मातेश्वरी तूं धन्य हो।।अज-जग में

माँ दुर्गा पर कविता -बाबूराम सिंह Read More »

beti

बेटी पर कविता – सुशी सक्सेना

हिंदी कविता

बेटी पर कविता – सुशी सक्सेना मेरी बिटिया, मेरे घर की शान है।मेरे जीने का मकसद, मेरी जान है। पता ही न चला, कब बड़ी हो गई,मेरी बिटिया अपने पैरों पे खड़ी हो गई,मेरे लिए अब भी वो एक नन्हीं कली है,मेरे अंगना कि एक चिड़िया नादान है। या रब, हर बुरी नजर से उसे

बेटी पर कविता – सुशी सक्सेना Read More »

jai durga maa

दुर्गा मैया पर कविता – सुशी सक्सेना

प्रकृति और पर्यावरण

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। दुर्गा को आदि शक्ति, परम भगवती परब्रह्म बताया गया है। दुर्गा मैया पर कविता आओ

दुर्गा मैया पर कविता – सुशी सक्सेना Read More »

jai durga maa

दुर्गा मैया पर गीत – आषीश कुमार

Uncategorized

दुर्गा मैया पर गीत तेरे रूप अनेक हैं मैयाहर रूप में हमको भाती होनवरात्रि में नौ दुर्गा रुप मेंहम पर ममता लुटाती हो तीनो लोक हैं काँपे तुमसेजब शक्ति रूप धरती होचण्‍ड-मुण्‍ड और ऐसे कितनेमहिषासुर मर्दन करती हो तुम बनती हो लक्ष्मी माँसारा संसार चलाती होधन की वर्षा करती जबकुटिया भी महल बनाती हो जब

दुर्गा मैया पर गीत – आषीश कुमार Read More »

beti

नन्हीं चिड़िया पर कविता – मीना रानी

हिंदी कविता

नन्हीं चिड़िया पर कविता माँतेरे आंगन कीमैं एकनन्हीं चिड़ियाखेलती-चहचहातीआंगन मेंसुबह उठते हीकानों मेंरस भरतीफुदकती फिरतीमुझे देखभूल जाती तूंसारे गम जहान केकाम दिन-रात मैं करतीतेरी सेवा मैं करती बदले में कुछ न चाहतीबड़ी हुई तोउड़ गई इस आंगन सेमाँ भूल न जानाइस नन्हीं चिड़िया को । -मीना रानी, टोहानाहरियाणा

नन्हीं चिड़िया पर कविता – मीना रानी Read More »

दीपावली : सुवा गीत/ छत्तीसगढ़ी रचना

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर दीपावली अवसर पर गए जाने वाला सुवा गीतों का संकलन किया गया है . छत्तीसगढ़ में सुआ गीत प्रमुख लोकप्रिय गीतों में से है। सुआ गीत का अर्थ है सुआ याने मिट्ठु के माध्यम से स्रियां सन्देश भेज रही हैं। सुआ ही है एक पक्षी जो रटी हुई चीज बोलता रहता है। इसीलिए

दीपावली : सुवा गीत/ छत्तीसगढ़ी रचना Read More »

हिन्दी वर्णमाला पर कविता – दुर्गेश मेघवाल

हिंदी कविता

हिन्दी वर्णमाला पर कविता- दुर्गेश मेघवाल अ से अनार ,आ से आम , पढ़ लिख कर करना है नाम। इ से इमली , ई से ईख , ले लो ज्ञान की पहली सीख । उ से उल्लू ,ऊ से ऊन, हम सबको पढ़ने की धुन । ऋ से ऋषि की आ गई बारी, पढ़नी है

हिन्दी वर्णमाला पर कविता – दुर्गेश मेघवाल Read More »

मित्र और मित्रता पर कविता – बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

मित्र और मित्रता पर कविता हो दया धर्म जब मित्र में,सुमित्र उसको मानिए।ना मैल हो मन में कभी, कर्मों को नित छानिए।आदर सेवा दे मित्र को,प्यार भी दिल से करो।दुखडा उस पर कभी पड़े, दुःख जाकर के हरो।मित्रों से नाता कभी भी ,भूल कर तोड़ों नहीं। पथ बिचमें निज स्वार्थवश,ज्ञातरख छोड़ी नहीं। भाव रख उत्तम

मित्र और मित्रता पर कविता – बाबूराम सिंह Read More »

Scroll to Top