ताटंक छंद
हिंदी कविताताटंक छंद —— 1——दिलों से नफ़रत को मिटाकर, सबको गले लगाना है |हमें देश की खातिर अपने, जीना है मर जाना है |आपस में हो भाईचारा, प्रेम भाव उपजाना है |हरे भरे अपने गुलशन को, खुशबू से मँहकाना है | ——–2——–दीन दुखी की सेवा कर के, खुद को धन्य बनाना है |अपने सदकर्मो से […]


