बड़ी दौलत सेहत पर कविता

सेहत सबसे बड़ी दौलत है

ज़िंदगी को जियो, बड़े इत्मीनान से,
कटेगी ज़िंदगी, बड़े शान से!
हर पल,हर घड़ी, बिना किसी तनाव से,
खुशी में, करो काम, बड़े चाव से!
अकेलापन महसूस होता है जब,
करना चाहिए कोई काम तब,
व्यस्तता रहेगी तो, समय का क्या?
पता नहीं चलेगा, वक्त गुजरा कब!
धन दौलत का नशा, कभी उतरता नहीं,
आदमी को चाहिए, जब तक मरता नहीं!
ईमान, सच्चाई से, मिलती बरकत है,
बेईमान को भला, कौन करता इज्ज़त है?

बुर्जुगों ने सही कहा है, उनका यह मत है,
दुनिया में सेहत, सबसे बड़ी दौलत है!
रिश्वत, दलाली, चोरी चकारी जो करे,
समाज उससे घृणा करे, पाप का घड़ा भरे!
कमाई जैसी हो, मितव्ययता जरूरी है,
निष्कलंक जीवन हो, भ्रष्टाचरण बुरी है!
ईमानदारी में होती, बहुत बड़ी ताकत है,
मित्रो! सेहत ही सबसे बड़ी दौलत है!


पद्म मुख पंडा, वरिष्ठ नागरिक कवि लेखक एवम विचारक ग्राम महा पल्ली पोस्ट लोइंग
जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top