कविता बहार

नंदा जाही का संगी -सुशील कुमार राजहंस

हिंदी कविता

नंदा जाही का संगी -सुशील कुमार राजहंस हां संगवारी धीरे धीरे सब नंदात हे।मनखे मशीन के चक्कर म फंदात हे।किसानी के जम्मो काम अब इहि ले हो जात हे।कोनो कमात हे कोनो मशीन ले काम चलात हे।देखतो नवां नवां जमाना म का का आत हे।हमर पुरखा के कतको चिन्हारी ह लुकात हे। अब कहां पाबे

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काँटों में राह बनाते हैं – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

हिंदी कविता

काँटों में राह बनाते हैं सच है विपत्ति जब आती हैकायर को ही दहलाती हैसूरमा नहीं विचलित होतेक्षण एक नहीं धीरज खोते,विघ्नों को गले लगाते हैं।काँटों में राह बनाते हैं। है कौन विघ्न ऐसा जग मेंटिक सके आदमी के मन में,खम ठोंक ठेलता है जब नरपर्वत के जाते पाँव उखड़,मानव जब जोर लगाता है।पत्थर पानी

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सफ़ेद कपड़ों में लिपटी हुई देवी (विश्व नर्स दिवस पर कविता)- नमिता कश्यप

हिंदी कविता

इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस (नर्स लोगन के अंतर्राष्ट्रीय समीति) एह दिवस के 1965 से हर साल मनावेले। जनवरी 1974, से एकरा के मनावे के दिन 12 मई के चुनल गइल जवन की फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस हवे। फ्लोरेंस नाइटेंगल के आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक मानल जाला। सफ़ेद कपड़ों में लिपटी हुई देवी एक दिन पूछा था किसी ने..उन सफ़ेद

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साथ रहे जब घर परिवार – शिवकुमार पटेल

हिंदी कविता

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 1994 को अंतर्राष्ट्रीय परिवार वर्ष घोषित किया था। समूचे संसार में लोगों के बीच परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाने लगा है। 1995 से यह सिलसिला जारी है। परिवार की महत्ता समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ रहे जब घर परिवार जीवन भी मुश्किल से

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बड़ी अनमोल मोती है परिवार –

समाज और यथार्थ

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 1994 को अंतर्राष्ट्रीय परिवार वर्ष घोषित किया था। समूचे संसार में लोगों के बीच परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाने लगा है। 1995 से यह सिलसिला जारी है। परिवार की महत्ता समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बड़ी अनमोल मोती है परिवार बड़ी अनमोल मोती है

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मौका मिला है परिवार के साथ जुड़ने का – एकता गुप्ता

समाज और यथार्थ

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 1994 को अंतर्राष्ट्रीय परिवार वर्ष घोषित किया था। समूचे संसार में लोगों के बीच परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाने लगा है। 1995 से यह सिलसिला जारी है। परिवार की महत्ता समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मौका मिला है परिवार के साथ को जुड़ने का

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परिचारिका पर कविता -मदन सिंह शेखावत

हिंदी कविता

इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस (नर्स लोगन के अंतर्राष्ट्रीय समीति) एह दिवस के 1965 से हर साल मनावेले। जनवरी 1974, से एकरा के मनावे के दिन 12 मई के चुनल गइल जवन की फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस हवे। फ्लोरेंस नाइटेंगल के आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक मानल जाला। परिचारिका पर कविता -मदन सिंह शेखावत अथक परिश्रम करने वाली।नित्य करे तीमारदारी।रहे बीमारों

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ओ नर्स आप हो बड़ी कमाल – शंकर आँजणा

हिंदी कविता

इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस (नर्स लोगन के अंतर्राष्ट्रीय समीति) एह दिवस के 1965 से हर साल मनावेले। जनवरी 1974, से एकरा के मनावे के दिन 12 मई के चुनल गइल जवन की फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस हवे। फ्लोरेंस नाइटेंगल के आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक मानल जाला। ओ नर्स आप हो बड़ी कमाल सेवा भाव की अद्वितीय मिसाल ,ओ नर्स

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देवियाँ( विश्व नर्स दिवस पर बाबूलाल शर्मा की कविता)-बाबू लाल शर्मा

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इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस (नर्स लोगन के अंतर्राष्ट्रीय समीति) एह दिवस के 1965 से हर साल मनावेले। जनवरी 1974, से एकरा के मनावे के दिन 12 मई के चुनल गइल जवन की फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस हवे। फ्लोरेंस नाइटेंगल के आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक मानल जाला। देवियाँ( विश्व नर्स दिवस पर बाबूलाल शर्मा की कविता) मुक्तछंद- नई कविता(विश्व नर्स

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कोरोना काल में परिचारिकाओं के लिए कविता – शिवांशी यादव

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस (नर्स लोगन के अंतर्राष्ट्रीय समीति) एह दिवस के 1965 से हर साल मनावेले। जनवरी 1974, से एकरा के मनावे के दिन 12 मई के चुनल गइल जवन की फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस हवे। फ्लोरेंस नाइटेंगल के आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक मानल जाला। कोरोना काल में परिचारिकाओं के लिए मानव विज्ञान से पढी हुई।हर वक़्त सेवा

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प्रेरणा दायक कविता – यह राह नहीं है फूलों की

प्रेरणा और सकारात्मकता, हिंदी कविता

प्रेरणा दायक कविता – यह राह नहीं है फूलों की यह राह नहीं है फूलों की, काँटे ही इस पर मिलते हैं।लेकर के दर्द जमाने का, बस हिम्मत वाले चलते हैं। यह राह… कब किसने कहा था ईसा से, तुम सूली के सोपान चढ़ो।किसने सुकरात को समझाया, विष के प्याले की ओर बढ़ो॥जिसने असली आवाज

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वो है अपना दाई परिचारिका – अकिल खान ( नर्स दिवस पर कविता)

हिंदी कविता

इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस (नर्स लोगन के अंतर्राष्ट्रीय समीति) एह दिवस के 1965 से हर साल मनावेले। जनवरी 1974, से एकरा के मनावे के दिन 12 मई के चुनल गइल जवन की फ्लोरेंस नाइटेंगल के जन्म दिवस हवे। फ्लोरेंस नाइटेंगल के आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक मानल जाला। वो है अपना दाई परिचारिका – अकिल खान बीमार लोगों का सहारा, अनाथों

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