कविता बहार

कोरोना महामारी का कहर -अमिता गुप्ता

हिंदी कविता

कोरोना महामारी का कहर -अमिता गुप्ता कोरोना महामारी ने कैसा ये कहर बरसाया है,चहुंओर अंधेरा ही छाया है! कितने कुलदीपक बुझ ही गए,कितने परिवार यूं उजड़ गए,गर नहीं सचेते अब भी तो, उठ सकता सिर से साया है,चहुं ओर अंधेरा छाया है! कहीं ऑक्सीजन की कमी हुई,कहीं पल में सांसे उखड़ गई,यह मृत्यु का तांडव […]

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कोरोना को मिलकर हराना हैैं – प्रियांशी मिश्रा

हिंदी कविता

कोरोना को मिलकर हराना हैैं कोरोना एक महामारी है, जिससे लड़ाई अभी जारी है।कोरोना को मिलकर हराना हैै,तो कुछ जरूरी टेस्ट कराना है। गाइडलाइंस का पालन करना है।वायरस से बिलकुल नहीं डरना है।कोरोना का टीका लगवाना ज़रुरी हैं,सबसे अच्छा उपाय दो गज दूरी है। हाथ धोकर कीटाणु भगाना है,और मुंह पर मास्क भी लगाना है।वृक्ष

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struggle

आया समय जवानो जागो भारतभूमि पुकारती।

समय और जीवन दर्शन, हिंदी कविता

प्रेरणा दायक कविता यह लोगों कि कार्वाई, इच्छाओं और ज़रूरतों के लिए कारणों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रेरणा भी व्यवहार करने की दिशा के रूप मे परिभाषित किया जा सकता है। एक मकसद एक निश्चित तरीके से कार्य करने के लिए व्यक्ति को संकेत देता है या कम से कम विशिष्ट व्यवहार के लिए एक

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राखी पर कविता (चौपइया छंद ) बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’

नारी जीवन और संवेदना

(चौपइया छंद) यह प्रति चरण 30 मात्राओं का सममात्रिक छंद है। 10, 8,12 मात्राओं पर यति। प्रथम व द्वितीय यति में अन्त्यानुप्रास तथा छंद के चारों चरण समतुकांत। प्रत्येक चरणान्त में गुरु (2) आवश्यक है, चरणान्त में दो गुरु होने पर यह छंद मनोहारी हो जाता है।इस छंद का प्रत्येक यति में मात्रा बाँट निम्न प्रकार है।प्रथम

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परिवार या मकान- सीमा गुप्ता (लेखिका)

हिंदी कविता

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 1994 को अंतर्राष्ट्रीय परिवार वर्ष घोषित किया था। समूचे संसार में लोगों के बीच परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाने लगा है। 1995 से यह सिलसिला जारी है। परिवार की महत्ता समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। परिवार

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विश्व परिवार दिवस पर – प्रियांशी की कविता

हिंदी कविता

आप सभी को विश्व परिवार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।घर रहें, सुरक्षित रहे।

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ऐसा होता  है परिवार- शिवांशी यादव

समाज और यथार्थ

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 1994 को अंतर्राष्ट्रीय परिवार वर्ष घोषित किया था। समूचे संसार में लोगों के बीच परिवार की अहमियत बताने के लिए हर साल 15 मई को अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाने लगा है। 1995 से यह सिलसिला जारी है। परिवार की महत्ता समझाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसा होता  है परिवार- शिवांशी यादव माँ-बाप का प्यार

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प्रेरणा दायक कविता – उठो सोने वालो सबेरा हुआ है

प्रेरणा और सकारात्मकता, हिंदी कविता

प्रेरणा दायक कविता – उठो सोने वालो सबेरा हुआ है उठो सोनेवालो, सबेरा हुआ है,वतन के फकीरों का फेरा हुआ है। जगो तो निराशा निशा खो रही है,सुनहरी सुपूरब दिशा हो रही है,चलो मोह की कालिमा धो रही है,न अब कौम कोई पड़ी सो रही है।तुम्हें किसलिए मोह घेरे हुआ है?उठो सोनेवालो, सबेरा हुआ है।

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कोरोना टीका जरूर लगवाएं – महदीप जंघेल

हिंदी कविता

आप सभी से विनम्र अपील है कि,किसी भ्रांतियों में न पड़े। किसी को न ही डराएं, न किसी को बहकाएं। प्राणरक्षक कोरोना का टीका अवश्य लगवाएं।

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नंदा जाही का संगी -सुशील कुमार राजहंस

हिंदी कविता

नंदा जाही का संगी -सुशील कुमार राजहंस हां संगवारी धीरे धीरे सब नंदात हे।मनखे मशीन के चक्कर म फंदात हे।किसानी के जम्मो काम अब इहि ले हो जात हे।कोनो कमात हे कोनो मशीन ले काम चलात हे।देखतो नवां नवां जमाना म का का आत हे।हमर पुरखा के कतको चिन्हारी ह लुकात हे। अब कहां पाबे

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काँटों में राह बनाते हैं – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

हिंदी कविता

काँटों में राह बनाते हैं सच है विपत्ति जब आती हैकायर को ही दहलाती हैसूरमा नहीं विचलित होतेक्षण एक नहीं धीरज खोते,विघ्नों को गले लगाते हैं।काँटों में राह बनाते हैं। है कौन विघ्न ऐसा जग मेंटिक सके आदमी के मन में,खम ठोंक ठेलता है जब नरपर्वत के जाते पाँव उखड़,मानव जब जोर लगाता है।पत्थर पानी

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