देखें कौन सुमन शैया तज कंटक पथ अपनाता है?
हिंदी कवितादेखें कौन सुमन शैया तज, कंटक पथ अपनाता है? देश-प्रेम का मूल्य प्राण है, देखें कौन चुकाता है?देखें कौन सुमन शैया तज, कंटक पथ अपनाता है? सकल मोह ममता को तजकर, माता जिसको प्यारी हो।दुश्मन की छाती छेदन को, जिसकी तेज़ कटारी हो।मातृभूमि के लिए राज्य तज, जो बन चुका भिखारी हो।अपने तन,मन,धन-जीवन का स्वयं
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