बचपन के खिलौनों के बदलते ढंग कविता
हिंदी कविताबचपन के खिलौनों के बदलते ढंग कविता जयतु, जय जवान, जय किसान हो,जयतु मातृ-भू, जय भारत महान हो। माटी की खुशबू ले चलो वहाँ-वहाँ,अपने देश के पहरेदार जहाँ-जहाँ। वतन में अंधेरा छाया है अब कहाँ ?रोशन करके गया वह सरहद यहाँ। नशे में डूब चूके हैं आज के जवान,कैसै सम्हलेगा देश, सब हैं नादान। है
बचपन के खिलौनों के बदलते ढंग कविता Read More »
