कविता बहार

प्रश्न है अब आन का-प्रवीण त्रिपाठी

विज्ञान, तकनीक और भविष्य

प्रश्न है अब आन का हर  प्रगति  के  मूल में  स्थान  है  विज्ञान का।खोज करता नित्य जो उपयोग करके ज्ञान का।1 रात दिन वो जूझते भारत कभी पीछे न हो।देश जे हित काम करके ध्यान रखते मान का।2 टोलियाँ वैज्ञानिकों की खोज करतीं नित नयी।राष्ट्र करता है प्रशंसा उनके नए अवदान का।3 भूलकर परिवार जो […]

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प्रसन्न रहे मेरी मां भारती -रश्मिअग्निहोत्री

हिंदी कविता

प्रसन्न रहे मेरी मां भारती हे गणपति ! गणराज, गणनायक,विघ्नहर्ता वरदाता, मंगल दायक।अष्ट  सिद्धि, नव  निधि  के दाता, आए शरण, राखो लाज विधाता। हे  शंकर  सु्वन,  भवानी  नंदन,रिद्धि  देना  और  सिद्धि   देना।कोमल बुद्धि देना हर सकू संताप जगत के आप मुझे प्रसिद्धि देना। मोह  माया  से  चित को दूर रखूं ,प्रभु  मुझको  ऐसी  शक्ति  देना।कुटुंबियों पर स्नेह

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इतिहास बनाना आदत है -रश्मि अग्निहोत्री

हिंदी कविता

इतिहास बनाना आदत है इतिहास   बनाना  आदत  है,परिश्रम इसरो की इबादत है!संकल्प  और  गहरा  हुआ है,दो कदम पर मंजिल अपनी है! क्योंकि, चंद्रयान 2 सफल है,हर  हिंदुस्तानी  के  दिल  में!बचपन से  चांद  को देखा है,अब पाने की हसरत जागी है! “रश्मि “क्योंकि  चंद्र की  दूरी, चंद्रयान २ से ज्यादा दूर नहीं! फिर हौसलों की उड़ान भरेंगे,जो न

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है नमन देश की माटी को -राजेश पाण्डेय अब्र

हिंदी कविता

है नमन देश की माटी को विश्वजीत है स्वंत तिरंगा तीन रंगों की अमृत गंगासरफ़रोश होता हर जन मन मत लेना तुम इससे पंगा, ऊर्ज समाहित सैन्य बलों में जन,  धन लेकर खड़े पलों मेंऊर्जा  का  संचार  देश  मेंप्रश्न खड़े अनुत्तरित हलों में, सबल करे नेतृत्व देश का अभिमानी हो नहीं द्वेष कावक़्त पड़े सर कलम

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प्रेम का सागर है माँ – सुन्दर लाल डडसेना मधुर

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। प्रेम का सागर है माँ ममता की मूरत,प्रेम का सागर है माँ।सब कुछ धारण करे,ऐसा गागर है माँ।घर घर

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गाय सड़क पर- राजकिशोर धिरही

हिंदी कविता

गाय सड़क पर गाय सड़क पर देख के,हो जाते हम मौन।लक्ष्मी अब माने नहीं,पाले इनको कौन।। दुर्घटना अब रोज ही,करते मानव हाय।बस बाइक कैसे चले,सड़कों पर है गाय।। पालन पोषण बंद है,ले कर दौड़े बेत।गाय बैल अब चर रहें,घूम घूम कर खेत।। घर लगते टाइल्स ही,पशु पालन है बंद।बाहर से ले दूध को,कैल्शियम रहे मंद।।

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literature in hindi

गजल का अर्थ क्या है व इसके नियम / ग़ज़ल कैसे लिखें ( How to write GAZAL)

हिंदी कविता

यहाँ हम आपको ” ग़ज़ल कैसे लिखें/गजल का अर्थ क्या है व इसके नियम क्या हैं ” के बारे में बताने वाले हैं जिसे विभिन्न माध्यम से हमने संग्रहित किया है .

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दोहा छंद विधान व प्रकार

हिंदी कविता

दोहा छंद विधान व प्रकार – प्रदीप कुमार दाश “दीपक” “दोहा” अर्द्धसम मात्रिक छंद है । इसके चार चरण होते हैं। विषम चरण (प्रथम तथा तृतीय) में १३-१३ मात्राएँ और सम चरण (द्वितीय तथा चतुर्थ) में ११-११ मात्राएँ होती हैं। विषम चरणों के आदि में प्राय: जगण (।ऽ।) टाला जाता है, लेकिन इसकी आवश्यकता नहीं

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literature in hindi

ताँका कैसे लिखें

हिंदी कविता

ताँका जापानी काव्य की कई सौ साल पुरानी काव्य विधा है। इस विधा को नौवीं शताब्दी से बारहवीं शताब्दी के दौरान काफी प्रसिद्धि मिली। उस समय इसके विषय धार्मिक या दरबारी हुआ करते थे। हाइकु का उद्भव इसी से हुआ।

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छंदों की प्रारंभिक जानकारी

हिंदी कविता

छंदों की प्रारंभिक जानकारी छन्द क्या है? यति, गति, वर्ण या मात्रा आदि की गणना के विचार से की गई रचना छन्द अथवा पद्य कहलाती है। चरण या पद –  छन्द की प्रत्येक पंक्ति को चरण या पद कहते हैं। प्रत्येक छन्द में उसके नियमानुसार दो चार अथवा छः पंक्तियां होती हंै। उसकी प्रत्येक पंक्ति

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हाइकु

सायली कैसे लिखें (How to write SAYLI)

हिंदी कविता

सायली रचना विधान : सायली कैसे लिखें उदाहरण*= इश्क मिटा गया बनी बनायी हस्ती बिखर गया आशियाँ.. *© शिरीष देशमुख* तुझे याद नहीं मैं वहीं बिखरा छोडा जहां तुने..  © शिरीष देशमुख

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महंगाई -विनोद सिल्ला

हिंदी कविता

 महंगाई महंगी  दालें  क्यों  रोज  रुलाती।सब्जी  दूर  खड़ी  मुंह  चढाती।। अब सलाद अय्याशी कहलाता है,महंगाई  में  टमाटर  नहीं भाता है,मिर्ची  बिन   खाए  मुंह  जलाती।। मिट्ठे फल ख्वाबों में  ही  आते  हैं,आमजन इन्हें नहीं खरीद पाते हैं,खरीदें  तो  नानी  याद  है आती।। कङवे करेलों के सब दर्शन करलो,आम अनार के फोटो सामने धरलो,सुनके  कीमत, भूख भाग

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