चन्द्रयान 2 पर कविता -डी.राज सेठिया
हिंदी कविताचन्द्रयान 2 पर कविता काबिलियत है,पर मार्ग कठिन बहुत है।हासिल कुछ नही ,पर पाया बहुत है। हाँ नींद भी बेची थी,पर सकून बहुत पाया था।हाँ चैन भी बेची थी,पर गर्व बहुत पाया था।। दुआएं थी सवा सौ करोड़ लोगों की,वह क्या कम था। इसरो मैं भी भावुक हुँ,क्योंकि मैंने भी दुआ मांगा था।। जीवन के […]
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