कविता बहार

गौरी पर दोहे

नारी जीवन और संवेदना

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं।शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। दुर्गा को आदि शक्ति, परम भगवती परब्रह्म बताया गया है। “गौरी पर दोहे” 1.शंकर की अर्धान्गिनी, गौरी जी कहलाय  बैठी शिव के वाम में, […]

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बेटा-बेटी में भेद क्यों पर कविता

हिंदी कविता

बेटा-बेटी में भेद क्यों पर कविता सागर होते हैं बेटे, तो गंगा होती है बेटियांचांद होते हैं बेटे, तो चांदनी होती हैं बेटियांजग में दोनों ही अनमोल फिर भेद कैसा।।कमल होते बेटे,तो गुलाब होती हैं बेटियांपर्वत होते बेटे, तो चट्टान होती हैं बेटियांजग में दोनों ही अनमोल फिर भेद कैसा।।पेड़ होते हैं बेटे,तो धरा होती

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गौरैया पर कविता

हिंदी कविता

गौरैया पर कविता तू आई मेरे आँगन मेंअपने नन्हें बच्चे को लेकरफूदक फूदक खिला रही थीअपना चोंच, चोंच में देकरसजग सब खतरों सेताकती घुम घुम करनजाकत से चुगती दानाआहट पा उड़ जाती फुर्रदानों को खत्म होता देखमिट्ठी भर अनाज बिखराईडरकर क्यों तू चली गईजब मैंने सहृदयता दिखलाईप्यारी गौरैया तू सीखाती हैबच्चे को दुनिया की रीतसंभलकर

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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दोहे

नारी जीवन और संवेदना

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दोहे नारी से है सुख  मिला, नारी से सम्मान।बिन नारी घर घर नही, लगता है सुनसान ।।1 नारी को सम्मान दो, नारी मात समान ।नारी से घर स्वर्ग है, सब पर देती जान ।।2 बिन घरनी के घर नहीं, बिना पुरुष परिवार ।स्त्री पुरुष का साथ रहे, जीवन देत सवार ।।3

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मोबाइल महाराज

हिंदी कविता

मोबाइल महाराज जय हो तुम्हारी हे मोबाइल महाराजतकनीकि युग के तुम ही हो सरताजबिन भोजन  दिन कट जाता हैपर तुम बिन क्षण पल नहीं न आज।हे मोबाइल तुम बिन सुबह न होवेतुम संग आॅनलाइन रह सकें पूरी रातगुडमार्निंग से लेकर गुडनाइट का सफरमैसेज में ही होती अच्छी बुरी हर बात।हर पल आरजू मोबाइल महाराज कीमिलता

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पाती सैनिक का पत्नी के नाम

हिंदी कविता

पाती सैनिक का पत्नी के नाम प्राण पिआरी दिल की रानी  | सदा सुहागिन होउ सयानी   ||आज तेरी चिट्ठी क्या आई   |  याद मुझे सबकी है सताई  ||वन्दवुं प्रथम बाबा अरु दादी | सीस झुकाऊँ मातु पिता जी  ||कैसे हैं सब चाचा चाची     | बडकी मैया बड़े पिता जी   ||गुडिया जैसी कैसी बहना    | आशिर्वाद

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नारी पर सुन्दर कविता

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

नारी पर सुन्दर कविता आँखों   से  आंसू   बहते  हैं पानी   पानी  है  नारी। दुनियां की नज़रों में बस इक करूण कहानी है नारी।। युगों  -युगों  से  जाने  कितने कितने अत्याचार सहे। अबला से  सबला तक आयी हार न  मानी  है  नारी।। ब्रह्मा   विष्णु   गोद   खिलाए नाच नचाया नटवर को। अनुसुइया   है   कौसल्या   है राधा   रानी  

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पीड़ाएँ

हिंदी कविता

पीड़ाएँ पिंजरा  चला  छोड़  कर , पंछी अनंत दूर ।यादें  ही  अब  शेष  हैं , परिजन  हैं  बेनूर ।। आँसू से रिश्ता घना ,  आँखों  ने ली जोड़ ।निर्मोही क्यों हो गये , ले गये सुख निचोड़ ।।गहनें सिसक रहे सजन , रूठे  सब श्रृंगार ।माथे की  ये  बिंदिया , पोंछ गये दिलदार ।। मन

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सेना पर कविता

हिंदी कविता

सेना पर कविता सेना भारत वर्ष की, उत्तम और महान।इसके साहस की सदा, जग करता गुणगान।जग करता गुणगान, लड़े पूरे दमखम से।लेती रिपु की जान, खींच कर लाती बिल से।*और बढ़ाती *शान* , जीत बिन साँस न लेना।सर्व गुणों की खान, बनी बलशाली सेना।ताकत अपनी दें दिखा, दुश्मन को दें मात।ऐसी ठोकर दें उसे, नहीं

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मेरी कविता मां काली है

हिंदी कविता

मेरी कविता मां काली है मेरी कविता में करुण नही,क्रंदन कर अश्क बहायेगी ।श्रृंगार नहीं है कविता में ,जो गीत प्रेम के गायेगी ।सैनिक के साथ चला करती,यह भारत की रखवाली है ।शत्रु का शोणित पान करे ,मेरी कविता मां काली है ।प्रलय कर दे शत्रु दल में,वैरी को त्रास भयंकर है।जनहित को जो विषपान

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वक्त ने सितम क्या ढाया है

नारी जीवन और संवेदना

वक्त ने सितम क्या ढाया है यह कैसी बेवसी है ,कैसा वक्त,अपनी हद में रह कर भी सजा पाईचाहा ही क्या था फ़कत दो गज जमीन ,वो भी न मिली और महाभारत हो गयी।चाहा ही क्या था बस अपना हक जीने कोराजनीति में द्रोपदी गुनाहगार हो गयी।त्याग,सेवा ,फर्ज दायित्व ही तो निभायेदेखो तो फिर भी

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mother their kids

माँ सी हो गई हूँ

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ सी हो गई हूँ जब भी चादर बदलतीमाँ पर झल्ला पड़ती    ये क्या है माँ?सारा सामान तकिए के

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