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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

नारी मांसल पिंड नहीं

नारी मांसल पिंड नहीं जब भी कोई चीख़ दफ़न होती है आसमां के सीने में। तड़पकर मरती है जब भी कोई गूँज धरती के किसी कोने में । आ खड़े होते हैं हम संवेदनहीन…

नारी रत्न अमूल्य धरा पर(चौपाई छंद)

नारी रत्न अमूल्य धरा पर (चौपाई छंद) नारी रत्न अमूल्य धरा पर।ईश्वर रूप सकल सचराचर।।राम कृष्ण जन्माने वाली।सृष्टि धर्म की सत प्रतिपाली।।१.बेटी बहिन

तरिया घाट के गोठ छत्तीसगढ़ी कविता

( यह कविता कुछ ग्रामीण महिलाओं के स्वभाव को दर्शाती है जहाँ उनकी दिखावटीपन, आभूषण प्रियता, बातूनीपन  और  कुछ अनछुए पहलू को बताने की कोशिश की गई है ।)

नारियों का सम्मान

इस कविता में महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है। सन्देश दिया गया है कि नारियों का सदैव सम्मान करें, हमेशा पूजनीय होती है। रचनाकार-महदीप जंघेल

मुझे बहुत काम है

मुझे बहुत काम हैआज एक मिनटफुर्सत की नहीं ।क्या फाइल निपटाना है?या कोई ऑफिस मीटिंग है ?किसी सभा में जाना है ?या कोई फिल्म की शूटिंग है ?अरे नहीं…

हिंदी कविता : मैंने खोल दिये हैं, पावों की अनचाहे बेड़ियां…

अब नहीं रुकूंगी, नित आगे बढूंगी मैंने खोल दिए हैं , पावों की अनचाहे बेड़ियां। जो मुझसे टकराए , मैं धूल चटाऊंगी हाथों में डालूंगी , उसके अब हथकड़ियां।।…

नारी

हे नारी! तू क्यों शर्मशार  है? समाज से भला क्यों गुहार है? मत मांग, इससे कोई दया की भीख । वो सब बातें जिनमें पुरूष का वर्चस्व, उन सबको तू सीख।। हे…