KAVITA BAHAR
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नारी आधारित रचना

चिरागे धरती सिया समागे

??चिरागे धरती सिया समागे?? ठाढ़े - ठाढ़े देखत रहिगे , अकबकागे दरबार ! चिरागे धरती सिया समागे , छोड़के सकल…

अबला जागो

अबला जागो,जागने की बारी है""तुम्हारीबता दो,की तुम्ही से,ये सृष्टि है सारी।सिर्फ़ शब्दों में है,नारी महान्काश दिल से…

नारी शक्ति को बधाई

महिला दिवस कीसमस्त नारी शक्ति को बधाई.... परन्तु उन नारियों को नहीं जो बेटी और बहु में फर्क समझती हैं जो हर दूसरी…