8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

प्रेरणादायक कविता

बेखबर स्त्रियां – नरेंद्र कुमार कुलमित्र

बेखबर स्त्रियां-25.03.22 ———————————————स्त्रियों के सौंदर्य का अलंकृत भाषा में नख से शिख तक मांसल चित्रण किए गएश्रृंगार रस में डूबे सौंदर्य प्रेमी पुरुषों ने जोर-जोर से तालियां बजाईमगर तालियों की अनुगूंज में स्त्रियों की चित्कारकभी नहीं सुनी गईं कविताओं में स्त्रियां खूब पढ़ी गई और खूब सुनी गईमगर आदि काल से अब तककविताओं से बाहर …

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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

मुझे स्त्री कहो या कविता

मुझे स्त्री कहो या कविता मुझे स्त्री कहो या कवितामुझे गढ़ों या ना पढ़ोंमुझे भाव पढ़ना आता है।खुबसूरती का ठप्पा वाह मेंकभी प्रथम पृष्ठ अखबार मेंकिसी घर में,किसी गुमनामी राह पर।लेकिन मैं भी आदत से लाचार हूॅंकभी झुक कर उठ जाती हूॅंकभी टूट कर जुड़ जाती हूॅंमुझे नदी की तरह है जीनासीखा है उसी की …

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नारी का सम्मान करो

नारी का सम्मान करो लावणी छंदवेद ग्रंथ में कहें ऋचाएँ, जड़ चेतन में ध्यान धरो।.जननी भगिनी बिटियाँ पत्नी, नारी का सम्मान करो।.. नारी से नर नारायण हैं, नारी सुखों की खान है।प्रसव वेदना की संधारक, नारी कोख़ बलवान है।ममता की मूरत है जग में,सुचिता शील वरदान है।ज्वाला रूप धरे नारी तब, लागे ग्रहण का भान …

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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

हिंदी कविता-अर्धांगिनी

पत्नी को अर्धांगिनी कहने वाले कई बार उन्हें अर्धांगिनी का वास्तविक दर्ज़ा नहीं दे पाते।इस कविता के माध्यम से मैं यही कहना चाहती हूँ कि शब्दों में नहीं, दिल से पत्नी को अर्धांगिनी मानें।

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

हाँ मैं नारी हूँ

कविता बहार-कविता लेखन प्रतियोगिता
कविता लेखन प्रतियोगिता-2021
प्रतियोगिता अवसर-8 मार्च, अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस
प्रतियोगिता विशेषांक-महिला जागृति‘‘हाँ मैं नारी हूँ, मैं चेहरे की हवाईयाँ ही नहीं, आज मैं हवाई जहाज भी उड़ाती हूँ’’

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

इंसान के रूप मे जानवर

इंसान के रूप मे जानवर क्यों ,जानवर इंसानियत को इतना शर्मसार कर रहा हैवो जानकर भी कि ये गलत है फिर भी गलती बार-बार कर रहा हैवो कुछ इस तरह से लिप्त हो रहे दरिंदगी मे मानोदरिंदगी के लिए ही पैदा हुआ हो सो हजार बार कर रहा है.मर चुका है इंसान उसका राक्षस को …

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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है

लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है दरिंदो ने दरिंदगी निभा ही दी,फरिश्ते अब मेरी मौत के बाद मदद की दुहार लगाने लगे है।मेरे माँ-बाप को गले से लगाने चले है,लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है।काश! काश!बालात्कार कर छोड़ गई बेटी,आसमाँ में परिंदो सा उड़ पाती।मुस्कुराहट पर हक है उसका ,ये बात …

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8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

नारी तुम हो नदी की धारा

कविता बहार लेखन प्रतियोगिता २०२१
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष
शीर्षक:”नारी  तुम हो  नदी  की धारा”

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