नया साल ख़ास / अकिल खान
समाज और यथार्थनया साल ख़ास वक्त के साथ दिन-महीने,और बदल गए साल,निरंतर आगे बढ़ना है,यही है समय की चाल।मेहनत से हम सबको कुछ पाने की है,आश,यही है उम्मीद सभी का हो,नया साल ख़ास। नूतन वर्ष 2025 का,किजीए सभी इस्तकबाल,विनम्रता से बनाईए अपने जीवन को,खुशहाल।ऐब को त्याग कर,अच्छाई रखिए अपने पास,यही है उम्मीद सभी का हो,नया साल […]
नया साल ख़ास / अकिल खान Read More »
