महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

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सरकारी योग दिवस / विनोद सिल्‍ला

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता,

विनोद सिल्ला की कविता “सरकारी योग दिवस” में योग दिवस के औपचारिक और सरकारी रूप को चित्रित किया गया है। कविता के माध्यम से कवि ने योग दिवस के आयोजन की प्रक्रिया, उसकी तैयारियों और इसके सामाजिक-राजनीतिक महत्व को व्यंग्यात्मक और भावनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है। विनोद सिल्ला की काव्य शैली सरल, प्रवाहमयी और […]

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अंतराष्ट्रीय योग दिवस विशेष कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का महत्व व्यापक रूप से माना जाता है, जो हर साल 21 जून को मनाया जाता है। इस दिन कई देशों में योग के महत्व को साझा करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। योग एक प्राचीन भारतीय अभ्यास है जो शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करता

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save nature

पर्यावरण दिवस पर चौपाई/ बलबीर सिंह वर्मा ‘वागीश’

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

पर्यावरण दिवस पर चौपाई बच्चे – बूढ़े सुन लो भाई,पेड़ों की मत करो कटाई।वृक्षों से मिलती है छाया,गर्मी में हो शीतल काया। सबने इनकी महिमा गाई,मिलते हैं फल-फूल दवाई।पेड़ों से ही वर्षा आती,सब के मन को यह हर्षाती। बात सभी को यह समझाना,एक-एक को पेड़ लगाना।मिलकर सारे पेड़ लगाओ,भारत भू को स्वच्छ बनाओ। *बलबीर सिंह

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5 जून अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस छत्तीसगढ़ी गीत

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

5 जून अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस छत्तीसगढ़ी गीत पेड़ हमर तो संगी साथी,पेड़ हमर आय जान।जीव जंतु सबो के आसरा,पेड़ आय ग भगवान।। डारा पाना अउ जड़ी सबो,आथे अबड़ दवाई।जीवन एखर बिन शून्य हे,होथे बड़ सुखदाई। देथे दाई असन मया जी,सुख के एहर खदान।पेड़ हमर…… जियत मरत के नाता रिस्ता,जोरे हन हम भाई।आठो बेरा ताकत हमरो,चाहे

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विश्व पृथ्वी दिवस / देवेन्द्र चरन खरे आलोक

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

विश्व पृथ्वी दिवस / देवेन्द्र चरन खरे आलोक पृथ्वी हमें पैदा करती है।भूख उदर की भी हरती है।।जो कुछ भी उत्पन्न हुआ है।सब इसकी ही रही दुआ है।। गोदी में हम सब खेले हैं।खुशियों के लगते मेले हैं।।जल जंगल पर्वत मालाएँ।गीत इसी के मधुरिम गाएँ।। सबको शिक्षा भी देती है। यह परिवर्तन की  प्रेरक भी।पुण्य पाप

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13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता

13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

13 अप्रैल जलियांवाला बाग नरसंहार दिवस पर हिंदी कविता यहाँ कोकिला नहीं, काग हैं, शोर मचाते,काले काले कीट, भ्रमर का भ्रम उपजाते। कलियाँ भी अधखिली, मिली हैं कंटक-कुल से,वे पौधे, व पुष्प शुष्क हैं अथवा झुलसे। परिमल-हीन पराग दाग सा बना पड़ा है,हा! यह प्यारा बाग खून से सना पड़ा है। ओ, प्रिय ऋतुराज! किन्तु

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विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर एक कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

इस कविता के माध्यम से हम सभी विश्व रंगमंच दिवस के महत्व को समझते हैं और इस उत्सव के महत्व को मनाते हैं, जो संस्कृति, कला, और समाज को एकसाथ लाता है। विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर यहाँ एक कविता प्रस्तुत की जा रही है: विश्व रंगमंच के दीप सजाएं,गीत नृत्य से दिल बहलाएं।प्रतिभाओं

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विश्व कविता दिवस

विश्व कविता दिवस/मंजूषा दुग्गल

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

आओ विश्व कविता दिवस मनाएँ/मंजूषा दुग्गल मन के कोमल भावों कोकोरे काग़ज़ पर सजाएँप्रेम, इंतज़ार,ग़म के पलों कोचला लेखनी लफ़्ज़ों में व्यक्त कर जाएँनमन करें सभी काव्य साधकों कोश्रद्धा में उनकी मस्तक झुकाएँमहादेवी सी सहनशीलता ले आएँनिराला के प्रकृति प्रेम में खो जाएँदिनकर की राष्ट्र भक्ति से ओजपूर्ण होजयशंकर की स्पष्टवादिता अपनाएँराहे कदम पर इनके

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विश्व कविता दिवस

विश्व कविता दिवस/डॉ0 रामबली मिश्र

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

विश्व कविता दिवस/डॉ0 रामबली मिश्र प्रति पल कविता दिवस मनाता।हिन्दी में लिखना सिखलाता।।मन मन्दिर में ध्यान लगाता।सबको उत्तम राह दिखाता।। अंतर्मन के भाव गमकते।शब्दों के आह्लाद चहकते।।अर्थ बताते सत्य पंथ गह।स्नेह परस्पर का मतलब कह।। कविता लिख कर मन बहलाता।जीवन को खुशहाल बनाता।।लेखन ही सत्कर्म धर्म है।जीवन का य़ह शिष्ट मर्म है।। हिन्दी में जो

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पर्यावरण दिवस पर कविता

पर्यावरण दिवस पर कविता /मंजूषा दुग्गल

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता, हिंदी कविता

पर्यावरण दिवस पर कविता/मंजूषा दुग्गल जलाकर पेड़-पौधे वीरान धरती को बना रहे हैं  इतनी सुंदर सृष्टि का भयावह मंजर बना रहे हैं  काटकर जंगल पशु-पक्षियों को बेघर बना रहे हैं  कर बेइंतहा अत्याचार हम दिवस पर्यावरण मना रहे हैं । वैज्ञानिक उन्नति की राह पर हम कदम बढ़ा रहे हैं चाँद पर भी अब देखो

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रचना/सुशी सक्सेना

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रचना/सुशी सक्सेना नारी की गौरव गाथा/सुशी सक्सेना प्रसिद्ध बड़ी है जग में, नारी की गौरव गाथा है। हर रूप में प्यार हमें देती है, ये हमारी माता है। अपनी भारत माता पर, मुझे है अभिमान बहुत शहीदों ने दिए हैं, इसकी रक्षा में बलिदान बहुत माता के पावन चरणों में शीश

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रचना / डॉ0 रामबली मिश्र वाराणसी।

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रचना / डॉ0 रामबली मिश्र वाराणसी नारी को जो शक्ति समझता।उसको सबसे ऊपर रखता।।इक नारी में सकल नारियां।भले विवाहित या कुमारियां।। प्रबल दिव्य भाव का सूचक।सारी जगती का संपोषक।।नारी श्रद्धा भव्य स्रोत है।मूल्यवान गतिमान पोत है।। नारी में प्रिय मधुर भावना।अनुपम श्रेष्ठा सभ्य कामना।।सदा काम्य रस शीतल छाया।परम विराट देव सम

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