मन और भावनाएँ

व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

राम प्रसाद बिस्मिल की लिखी कविताएं

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रामप्रसाद बिस्मिल एक क्रान्तिकारी थे जिन्होंने मैनपुरी और काकोरी जैसे कांड में शामिल होकर ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध बिगुल फूंका था। वह एक स्वतंत्रता संग्रामी होने के साथ-साथ एक कवि भी थे और राम, अज्ञात व बिस्मिल के तख़ल्लुस से लिखते थे, उनके लेखन को सर्वाधिक लोकप्रियता बिस्मिल के नाम से मिली थी। पेश हैं

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yogasan

योग से दिन है सुहाना / कवि डिजेंद्र कुर्रे “कोहिनूर”

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डिजेंद्र कुर्रे “कोहिनूर” की यह कविता सरल, प्रवाहमयी और प्रेरणादायक भाषा में रची गई है। कविता का उद्देश्य पाठकों को योग के लाभों से अवगत कराना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना है। योग से दिन है सुहाना / कवि डिजेंद्र कुर्रे “कोहिनूर” योग से दिन है सुहाना,  योग को

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atal bihari bajpei

आज सिंधु में ज्वार उठा है / अटल बिहारी वाजपेयी

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“अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध कविता ‘आज सिंधु में ज्वार उठा है’ में राष्ट्रीयता, साहस और भारतीय संस्कृति की महत्ता को दर्शाया गया है। यह कविता हमें प्रेरित करती है कि हम अपने देश की अखंडता और गरिमा के लिए सदा तत्पर रहें। पढ़ें और जानें इस अद्भुत रचना के गूढ़ अर्थ।” आज सिंधु में

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नव वर्ष पर कविता

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नव वर्ष आ गया नववर्ष,क्या संदेह,क्या संभावना है?शेष कुछ सुकुमार सपने,और भूखी भावना है। हैं विगत के घाव कुछ,जो और गहरे हो रहे हैं,बात चिकनी और चुपड़ी,सभ्यता या यातना है! ओढ़कर बाजार को,घर घुट रहा है लुट रहा है,ग्लानि की अनुभूति दे जाती कटुक,शुभकामना है। नींद उनको फूल की शैय्या मेंं भी आती नहीं है,किन्तु

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हिन्दी की पुकार पर कविता

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हिन्दी की पुकार पर कविता हिन्दी हिन्द की शान है,हिन्दी हिन्द की जान है,हिन्दी हिन्द की वरदान है,हिंदी पर अभिमान है।उमंगों के तरंग में,हिंदी है भावनाओं का समंदर,एकता का प्रतीक है ये,भर लो हृदय के अंदर। हिन्दी है सबसे प्यारी भाषा,करो सभी स्वीकार, हिन्द का करो उद्धार यही है,हिन्दी की पुकार। हिंदी की आजादी के

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क्रिकेट बस क्रिकेट है जीवन नहीं

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क्रिकेट बस क्रिकेट है जीवन नहीं क्रिकेट जीवन नहीं हो सकताक्रिकेट भारतियों कीरूह में समाया हैउसने कब्जाया हैहमारी भावनाओं कोक्रिकेट बन गया है धर्मजो नहीं होना चाहिए। हम पूजते हैं क्रिकेटऔर उसके खिलाडियों कोलुटा देते हैं अपना सबकुछबना देते हैं उनको भगवानऑस्टेलिया ,इंग्लैंड ,न्यूजीलैंडक्यों है क्रिकेट में सबसे ऊपरक्योंकि इनके लिए क्रिकेटबस एक खेल हैधर्म

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स्वामी विवेकानंद

12 जनवरी स्वामी विवेकानन्द जयन्ती पर कविता / स्वामी विवेकानंद पर कविता

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12 जनवरी स्वामी विवेकानन्द जयन्ती पर कविता: स्‍वामी विवेकानंद का जन्‍म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। भारत में उनके जनमाँ दिन को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वामी जी की बुद्धिमत्ता और अद्भुत उत्तर पूरी दुनिया का कायल थी। उन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन रखा। स्वामी विवेकानंद पर

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भारत माता पर कविता / भारत पर कविता

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भारत माँ पर कविता : भारत को मातृदेवी के रूप में चित्रित करके भारत माता या ‘भारतम्बा’ कहा जाता है। भारतमाता को प्राय नारंगी रंग की साड़ी पहने, हाथ में तिरंगा ध्वज लिये हुए चित्रित किया जाता है तथा साथ में सिंह होता है। भारत माता पर कविता भारत माता ओढ़ तिरंगाआज स्वप्न में आई थीनीर भरा आँखों में मुख परगहन उदासी छाई थीमैंने

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jai laxmi maata

दीपावली के 5 दिन पर कविता Poem on 5 days of Diwali

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दीपावली के 5 दिन पर कविता: अंतर्गत कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तक लगातार पांच पर्व होते हैं। इन पांच दिनों को यम पंचक कहा गया है। इन पांच दिनों में यमराज, वैद्यराज धन्वंतरि, लक्ष्मी-गणेश, हनुमान, काली और गोवर्धन पूजा का विधान है। दीपावली के 5 दिन पर कविता धनतेरस पर कविता दीपावली

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मोहब्बत पर गीत

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मोहब्बत पर गीत मोहब्बत जन्म से कुदरत के कण कण में समाई है।मोहब्बत  पीर  पैगम्बर  सूफियों  की  बनाई  है।।कोई  शक्ति  मिटा  पायी  नहीं जड़ से मोहब्बत को,मोहब्बत  देवताओं  से  अमर  वरदान  पाई  है।।        मोहब्बत बहनों की राखी भाइयों की कलाई है।       मोहब्बत बाप के आँगन से बेटी की विदाई है।।       मोहब्बत आमिना मरियम यशोदा

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28 मई वीर सावरकर पुण्यतिथि पर कविता

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वह पहला देशभक्त ● राजेंद्र राजा वह पहला देशभक्त जिसने सब वस्त्र विदेशी जलवाए। स्वराज स्वदेशी मंत्र दिया सब उसके साथ चले आए। वह पहला अमरपुत्र जिसने पूरी आजादी माँगी थी। उसके कदमों की आहट से भारत की जनता जागी थी॥ वह पहला वीर पुरुष जिसने लंदन में बिगुल बजाया था । प्रवासी भारत वीरों

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mahatma gandhi

2 अक्टूबर महात्मा गाँधी जयन्ती पर कविता

मन और भावनाएँ,

गांधी जयंती हमें आदर्शो की याद दिलाती है। गांधी जी के विचारों से केवल भारत ही नहीं बल्कि कलाकारों से भी लाखों लोग प्रभावित हैं और प्रेरणा ले रहे हैं। अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने वाले छोटू ने सम्पूर्ण मानव जाति को न केवल मानव का पाठ पढ़ा बल्कि जीवन जीने का सही

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