नारी जीवन और संवेदना

holika-dahan

होलिका दहन पर हिंदी कविता / पंकज प्रियम

नारी जीवन और संवेदना

होलिका दहन पर हिंदी कविता / पंकज प्रियम बुराई खत्म करने का प्रण करेंआओ फिर होलिका दहन करें।औरत की इज्जत का प्रण करें,आओ फिर होलिका दहन करें। यहां तो हर रोज जलती है नारीदहेज कभी दुष्कर्म की है मारीरोज कोई रावण अपहरण करेपहले इनका मिलकर दमन करेआओ फिर….. हर घर प्रह्लाद सा कुंठित जीवनमां बाप […]

होलिका दहन पर हिंदी कविता / पंकज प्रियम Read More »

Radha kishna holi

होली के दोहे – बासुदेव अग्रवाल

नारी जीवन और संवेदना

होली वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण भारतीय और नेपाली लोगों का त्यौहार है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होली रंगों का तथा हँसी-खुशी का त्योहार है। यह भारत का एक प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहार है, जो आज विश्वभर में मनाया जाने लगा है। विकिपीडिया

होली के दोहे – बासुदेव अग्रवाल Read More »

गौरी पर दोहे

नारी जीवन और संवेदना

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं।शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। दुर्गा को आदि शक्ति, परम भगवती परब्रह्म बताया गया है। “गौरी पर दोहे” 1.शंकर की अर्धान्गिनी, गौरी जी कहलाय  बैठी शिव के वाम में,

गौरी पर दोहे Read More »

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दोहे

नारी जीवन और संवेदना

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दोहे नारी से है सुख  मिला, नारी से सम्मान।बिन नारी घर घर नही, लगता है सुनसान ।।1 नारी को सम्मान दो, नारी मात समान ।नारी से घर स्वर्ग है, सब पर देती जान ।।2 बिन घरनी के घर नहीं, बिना पुरुष परिवार ।स्त्री पुरुष का साथ रहे, जीवन देत सवार ।।3

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दोहे Read More »

नारी पर सुन्दर कविता

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

नारी पर सुन्दर कविता आँखों   से  आंसू   बहते  हैं पानी   पानी  है  नारी। दुनियां की नज़रों में बस इक करूण कहानी है नारी।। युगों  -युगों  से  जाने  कितने कितने अत्याचार सहे। अबला से  सबला तक आयी हार न  मानी  है  नारी।। ब्रह्मा   विष्णु   गोद   खिलाए नाच नचाया नटवर को। अनुसुइया   है   कौसल्या   है राधा   रानी  

नारी पर सुन्दर कविता Read More »

वक्त ने सितम क्या ढाया है

नारी जीवन और संवेदना

वक्त ने सितम क्या ढाया है यह कैसी बेवसी है ,कैसा वक्त,अपनी हद में रह कर भी सजा पाईचाहा ही क्या था फ़कत दो गज जमीन ,वो भी न मिली और महाभारत हो गयी।चाहा ही क्या था बस अपना हक जीने कोराजनीति में द्रोपदी गुनाहगार हो गयी।त्याग,सेवा ,फर्ज दायित्व ही तो निभायेदेखो तो फिर भी

वक्त ने सितम क्या ढाया है Read More »

चक्रव्यूह में फंसी बेटी- कृष्ण सैनी

नारी जीवन और संवेदना

चक्रव्यूह में फंसी बेटी                       (1)बर्फीली सर्दी में नवजात बेटी को,जो छोड़ देते झाड़ियों में निराधार।वे बेटी को अभिशाप समझते,ऐसे पत्थर दिलों को धिक्कार।                    (2)जो कोख में ही कत्ल करके भ्रूण,मोटी कमाई का कर रहे व्यापार।निर्दयी माता-पिता फोड़े की तरह,गर्भपात करवाकर बन रहे खूंखार।                      (3)सृजन की देवी के प्रति मेरे स्नेहभाव,घर में खुशहाली सी छाई

चक्रव्यूह में फंसी बेटी- कृष्ण सैनी Read More »

सोच सोच के सोचो

नारी जीवन और संवेदना

सोच सोच के सोचो नारी ना होती,श्रृंगार करता कौन?हुस्न की बात चले तो,तेरा नाम लेता कौन? नख-शिख चित्रण ,उभारता कौन?गर ना श्रृंगार होता,कविताएँ लिखता कौन?कवि की लेखनी क्या होती मोन?श्रृंगार देख बिन पिये, नशा चढ़ाता कौन? पल-पल क्षण-क्षण,प्रिय मिलन की आस जगाता कौन?सांझ का आँचल लहराये, मनमद मस्त महकाता कौन?दो दिलों के मिलन का आधार

सोच सोच के सोचो Read More »

छत्तीसगढ़ी संस्कृति

नारी जीवन और संवेदना

छत्तीसगढ़ी संस्कृति दक्षिण कोशल के बीहड़ वन मेंसाल, सागौन की है भरमारसतपुड़ा पठार शोभित उत्तर मेंमध्य है महानदी बस्तर पठारदेखो छत्तीसगढ़ की छटा मनोहरचलो करें हम वन विहार ।।      है छत्तीसगढ़ का खेल ये अनुपम     फुगड़ी,लंगड़ी,अटकन-बटकन      कैलाश गुफा, बमलेश्वरी मंदिर का      देख नजारा खो जाता है मन     ऐसे भव्य प्रदेश में आकर     बाँटू  सभी

छत्तीसगढ़ी संस्कृति Read More »

पहचान पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

पहचान पर कविता कैद न करो बस पिंजरे मेंहमें नही चाहिए पूरा जहान ।अपने को मानते हो श्रेष्ठ तोहमें भी बनने दो नारी महान ।।जहाँ कोई मालिक न होऔर न हो यहाँ कोई गुलाम ।दोस्ती का रिश्ता हो बसदोस्ती ही हो हमारी पहचान ।।आजादी नहीं चाहिए तुमसेबस बनी रहे मेरी भी शान ।जहाँ कोई छोटा-

पहचान पर कविता Read More »

woman-day

आह्वान गीत – नारी शक्ति को समर्पित

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

आह्वान गीत अभी और लड़ाई लड़नी है,तुमको  अपने अधिकार की |चुप होकर मत बैठो तुम,भेरी भरो हुंकार की || कितनी सदियां बीत गईं,पर तुम्हें न वो सम्मान मिला |चिंतन करना होगा तुम्हें,अपने निरादर हार की || अभी और… आज भी तुम अपवित्र हो,मंदिर(सबरीमाला) में प्रवेश वर्जित है |कितनी कुत्सित-घृणित सोच है देखो इस संसार की

आह्वान गीत – नारी शक्ति को समर्पित Read More »

नया संसार बसायेंगे

नारी जीवन और संवेदना

नया संसार बसायेंगे आओ यह संकल्प करें नया संसार बसायेंगे ।स्वर्ग धरती  पर लायेंगे । जाति धर्म का भेद मिटाकर एकता  का रंग  भरें।हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई भाई भाई संग  फिरें ।मंदिर मस्जिद गुरू द्वारे परअलख जगायेंगे ।नया संसार बसायेंगे स्वर्ग धरती पर लायेंगे । नारी का सम्मान हो जग मेंकोख में बेटी न मरे

नया संसार बसायेंगे Read More »

Scroll to Top