दूजराम साहू के छत्तीसगढ़ी कविता
नारी जीवन और संवेदनादूजराम साहू के छत्तीसगढ़ी कविता मोर गांव मे नवा बिहान झिटका कुरिया अब नंदावत हे,सब पक्की मकान बनावत हे ,खोर गली सी सी अभियान आगे ,अब मोर गांव मे नवा बिहान आगे।खाए बर अन ,तन बर कपड़ा ,खाए पीये के अब नईहे लफड़ा ,रोजी मजूरी बर रोजगार गारेंटी अभियान आगे ,अब मोर गांव मे नवा […]
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