हिंदी कविता

अलि पर कविता

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अलि पर कविता अलि पुष्प के पराग से,लेता है रससार।पुष्प पुष्प पर बैठता , करे सदा गुंजार।। अलि करता मधुमास में,फूलों का रसपान।कोयल मीठा गात है ,करती है गुण गान।। कली कली में बैठता,अलि करता मधुपान।मस्त मगन हो घूमता,गुन गुन करता गान।। अलि बैठा है डाल पर,ग्रहण करे मकरंद।नेह लुटाता फूल पर ,होय कमल में […]

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पवित्र प्रेम पर कविता

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पवित्र प्रेम पर कविता रचनाकार- बाँके बिहारी बरबीगहीया राज्य -बरबीघा बिहार (पुनेसरा ) एक कपोत ने आकर हमसे कह डाले सब प्रेम की बात कुछ लिखो तुम स्वेत पत्र पे और लिखो कुछ अपनी याद मेरे गले में प्रेम पत्र दो उठो चलो तुम मेरे साथ प्रेम विरह में पागल है वो कटती नहीं उनसे

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मातृ पितृ पूजन दिवस पर कविता

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मातृ पितृ पूजन दिवस पर कविता दिवस मातृ पितु ले मना, करिये सत संकल्प।ईश मान पितु मात को, छोड़ो सभी विकल्प।। घर में ही भगवान हैं, सच जीवन दातार।मात पिता को मान दें, करिये उनसे प्यार।। जन्म दिया है आपको, रखे गर्भ नौ मास।पाला मय अरमान के, मात पिता विश्वास।। पाल पोष पहचान दी, पढ़ा

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यार तेरी कसम-गज़ल

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यार तेरी कसम-गज़ल रूठ जाऊँ कभी तो मनाना मुझे।कर ये वादा कभी मत सताना मुझे।। गर कहीं भूल जाऊँ ये राहे वफ़ा,*यार तेरी कसम* मत भुलाना मुझे। जिंदगी की डगर में बड़ी मुश्किलें,थाम दामन मेरा तू चलाना मुझे। आदमी तो है जिन्दा ख़ुशी के लिए,गम अगर आ भी जाये हँसाना मुझे। इस कदर यार *बोधन*

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आह्वान पर कविता -डाक्टर को सारी बात बताये

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आह्वान पर कविता जब भी होवे वाइरस संक्रमण,सर्दी-जुकाम से पिड़ित तन !सांस लेने में होय परेशानी, सहज बात न समझे हम !!कफ खांसी की जांच कराये, डाक्टर को सारी बात बताये !संकोच घबराने की बात नहीं, सावधानी की राह अपनाये !!खांसते झिकते रूमाल लगाये, टिसु पेपर मास्क अपनाये !निज करे पालन सबको कराये,रोग न फैले

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नेक काम पर कविता

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नेक काम पर कविता आये हो संसार मे, नेक काम कर जाय।विपदा आफत टाल कर,सब की करे सहाय।सब की करे सहाय,प्रभु ने लायक बनाया।मेहर उस की होय,खुशिया जी भर लुटाया।कहै मदन कर जोर, यही से सब कुछ पाये।दाता को लौटाय, नाम करने तुम आये।। मदन सिंह शेखावत ढोढसर

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धर्मांधता पर कविता

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धर्मांधता पर कविता जब भीबंटा है वतनतब-तबबंटवारे के लिएउत्तरदायी रही हैधर्मांधतायह चलती हैराजनीतिक इशारों परजो आज भी हैपूरे यौवन परजाने और कितनेटुकड़े करना चाहते हैंधर्मांध लोगइस वतन केनहीं लेते सबकऐतिहासिक भूलों सेऔर कर रहे हैं निर्माणअराजक वातावरण का -विनोद सिल्ला©

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सरस्वती माँ पर कविता-बाबू लाल शर्मा बौहरा

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सरस्वती माँ पर कविता शारदे आप ही आओ।कंठ मेरे तुम्ही गाओ।शान बेटी सयानी के।बात किस्से गुमानी के। धाय पन्ना बनी माता।मान मेवाड है पाता।पद्मिनी की कहानी है।साहसी जो रुहानी है। बात झाँसी महारानी।शीश हाड़ी दिए मानी।वीर ले जा निशानी है।बात सारी सिखानी है। बेटियों को बचानी है।शान शिक्षा दिलानी है।कर्म कर्त्तव्य भी जानें।वक्त की माँग

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मतदाता दिवस पर कविता

नारी जीवन और संवेदना,

मतदाता दिवस पर कविता अच्छे नागरिक के कर्तव्य निभाए,राष्टीय मतदाता दिवस मनाए।मानव को जागरूक बनाए,नव मतदाता के नाम जुड़वाए। युवा पीढ़ी को आगे लाएं,स्वतंत्र रूप से वोट कराए।लोकतंत्र के पर्व मनाएं,शत प्रतिशत मतदान कराए। एक वोट भी रह न पाए,आओ ये करके दिखाए।जन जन को समझाए,वोट का अधिकार दिलाए।~~~~~~~~~~~~~~~~रचनाकार-डीजेन्द्र क़ुर्रे “कोहिनूर”पीपरभवना,बलौदाबाजार (छ.ग.)मो. ‌8120587822 मतदाता जागरूकता

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बेटी पर कविता

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बेटी पर कविता कितनी मन्नते माँगते माता पिता,जा जाकर हर मंदिर के द्वार में।करते हैं संतान कि कामना हरदम,खुशीयाँ कब आये झोली में। ढ़ोल नगाड़े बजते उस घर,प्यारी गुड़ियाँ के आने में।देते बधाई सब चाहने वालें,खुशियाँ बरसे जिस आँगन में। जब रोती नन्ही बेटी तो,माँ विचलित हो जाती हैं।वैद्य हकीम के पास जाकर,अपभ्रंश दूर भगाती

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स्वच्छता पर कविता

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स्वच्छता पर कविता पृथ्वी की सबसे बड़ी आवश्यकता,हो कण- कण में स्वच्छता। चलता, तैरता, उड़ता जहर ,मानव हो जागरूक ..नहीं तो बरसेगा कहर। दूषित जल, थल ,वायु, कचरा-कूड़ा, प्लास्टिक की चौफेरेभरमार, भूल रहा हैं सब अपना कर्तव्य वयवहार। शुचि क्रियाएं स्वास्थ्य का है जीवन आधार,वरना महामारी, गंदगी प्रदुषण बनेगा अकाल मृत्यु का जिम्मेदार। आओ करें

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चितवन पर कविता

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चितवन पर कविता चंचल चर चितवन चषक, चण्डी,चुम्बक चाप्!चपला चूषक चप चिलम,चित्त चुभन चुपचाप!चित्त चुभन चुपचाप, चाह चंडक चतुराई!चमन चहकते चंद, चतुर्दिश चष चमचाई!चाबुक चण्ड चरित्र, चाल चतुरानन चल चल!चारु चमकमय चित्र, चुनें चॅम चंदन चंचल! *चंडक~चंद्र, चॅम~मित्र, चष~दृश्य शक्ति, चप~चूने का घोल*•. •••••••••रचनाकार -✍©बाबू लाल शर्मा,बौहरासिकंदरा,दौसा, राजस्थान°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°

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