हिंदी कविता

Courage

हौसले पर हिंदी कविता

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हौसला हर व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण है, खासकर जब हम परिस्थितियों के खिलाफ स्थिर रहने के लिए अपना विश्वास खो देते हैं। यह हमें हार नहीं मानने की शक्ति और उत्साह प्रदान करता है, और हमें अग्रसर करने के लिए पुनः प्रेरित करता है। हिंदी कविता : हौसलों की उड़ान हौसलों की उड़ान मत […]

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village based Poem

गांव पर दोहे

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गांव पर दोहे शहर नगर में विष घुले, करे जोर की शोर।शुद्ध हवा बहने लगी, चलो गांव की ओर।।१।। तेज गमन की होड़ में, उड़े बड़े ही धूल।मुक्त रहो इस खेल से, बात नही तुम भूल।।२।। शांत छांव में मन मिले, कष्ट मिटे अति दूर।हरा भरा तरु देखना, घूमें गांव जरूर।।३।। धान फसल की बालियां,

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गुण की पहचान पर कविता

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गुण की पहचान पर कविता वन में दो पक्षी, दिख रहे थे एक समान।कौन हंस है कौन बगुला, कौन करे पहचान। बगुला बड़ा था घमंडी, कहता मेरे गुण महान।तेज उड़ सकता हूं तुझसे, कह रहा था सीना तान। झगड़ा सुनकर कौवा आया, श्रेष्ठता के लिए करो उड़ान।नम्र भाव से होकर हंस तैयार, उड़ चला दूर

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सफलता पर कविता

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सफलता पर कविता मन मे जोश उमंग भर लो,तुम्हे नया आकाश मिलेगा,आसमान को जरूर छू लो गे,रखो तुम मन मे विश्वास।ख्वाहिश को खामोश रखो,सफलता की ओर आगे बढ़ो,अहंकार कभी ना करना,मेहनत तुम करते जाओ।हार-जीत के बारे मे सोचो ना,कठिन राह से कभी डरो ना,सफलता प्राप्त करोगे तुम,कठिन राह से डरना नही।कड़ी चुनौती हर मोड़ पर,सामना

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mahapurush

वीर जवान पर कविता

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वीर जवान पर कविता मान करे,सम्मान करे,वीर जवान का गुणगान करे,देश की सीमा मे रक्षा करते,हम सब मिलकर सम्मान करे। कश्मीर की सीमा मे तैनात है,हमारे वीर जवान,दुश्मनों की वार को,गोली से जवाब देते है। हिन्दू ,मुस्लिम,सिख,ईसाई,सभी है भाई-भाई,देश के जवान भाषा बोले,सीमा पर बंदूक की गोली से। पहरेदारी करते दिन-रात,सीमा पर खड़े वीर जवान,देश

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निषादराज के दोहे

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*निषादराज के दोहे* (1) *दामिनी*देखा जबसे दामिनी,चकाचौंध अब नैन।होश हुआ मदहोश अब,ढलने को अब रैन।। (2) *व्योम*व्योम हुआ गहरा बहुत,बादल छाये आज।नहीं मिला अब चैन भी,नहीं हुआ कुछ काम।। (3) *पुलकित*माँ का आशीष है मिला,जीवन में उल्लास।पुलकित मेरा तन हुआ,हुआ मुझे विश्वास।। (4) *द्रवित*नैन द्रवित मेरा हुआ,खुशियाँ मिले हजार।मन मेरा शीतल हुआ, पा कर अपना

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लाजवाब जोड़ा कविता

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लाजवाब जोड़ा कविता-विनोद सिल्ला रहता हैहमारी लॉबी मेंचिड़ियों का जोड़ाइनमें है अत्यधिक स्नेहनहीं रहते पल भरएक-दूसरे से दूरनहीं है इनमेंसॉरी-धन्यवाद सीऔपचारिकताएंये बात-बात कोनहीं बनातेनाक का सवालरखते हैंएक-दूसरे का ख्यालनहीं उतारतेबाल की खालदोनों में सेकिसी के मुंहकभी नहीं सुनीससुराल की शिकायतमुझे लगायह जोड़ालाजवाब

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बहादुरों पर कविता

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बहादुरों पर कविता (1)तिलक लगा ले माथे पर,शस्त्र उठा ले हाथों पर।वन्दे मातरम की गूंज से,निकल पड़े मैदानों पर।(2)योगेंद्र अनुज अमोल विजयंत,जाबाज सिपाही थे कारगिल पर।कर चड़ाई टाइगर हिल में,दिखा दी साहस अपने दम पर।(3)तोपे जब चली रण पर,गोले बरस रहे थे उन पर।कदम बढ़ रहे थे वीरों की,भारी पड़ रहे थे दुश्मनों पर।(4)रक्षा करते

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आलसी पर कविता

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आलसी पर कविता मेरे अकेले में भी कोई आसपास होता है।तुम नहीं हो पर तुम्हारा आभास  होता है।1। बिखर ही जाता है चाहे कितना भी संवारोबस खेलते  रहो जीवन एक ताश होता है।2। जरूरतमंद तो आ ही जाते हैं बिना बुलाएआपकी जरूरत में आए वही ख़ास होता है।3। दिनभर भीड़ में शामिल होने के बाद रोजमन मेरा हर शाम  जाने क्यूँ उदास

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बचपन के खिलौनों के बदलते ढंग कविता

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बचपन के खिलौनों के बदलते ढंग कविता जयतु, जय जवान, जय किसान हो,जयतु मातृ-भू, जय भारत महान हो। माटी की खुशबू ले चलो वहाँ-वहाँ,अपने देश के पहरेदार जहाँ-जहाँ। वतन में अंधेरा छाया है अब कहाँ ?रोशन करके गया वह सरहद यहाँ। नशे में डूब चूके हैं आज के जवान,कैसै सम्हलेगा देश, सब हैं नादान। है

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कर्म पर दोहे -डॉ एन के सेठी

हिंदी कविता

कर्म पर दोहे -डॉ एन के सेठी भाग्य कर्म के बीच में , भाग्य बड़ा या कर्म।कर्म बनाता भाग्य को,यही मनुज का धर्म।। कर्म करे तो फल मिले,कर्म न निष्फल होय।कर्महीन जो ना करे ,जीवन का फल खोय।। कर्मगति है बड़ी गहन , इसे न समझे कोय।जो समझे सत्कर्म को, निष्कामी वह होय।। कर्म बिना

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भोर गीत-राजेश पाण्डेय वत्स

प्रकृति और पर्यावरण

भोर गीत ये सुबह की सुहानी हवाये प्रभात का परचम।प्रकृति देती है ये पलरोज रोज हरदम।। आहट रवि किरणों कीसजा भोर का गुलशन।कर हवाओं संग सैरभर ले अपना दामन।। उठ साधक जाग अभीदिन मिले थे चार।बीते न ये कीमती पलखो न जाये बहार।। कदम बढ़ा न ठहर अभीमंजिल आसमान में।स्वर्ग बना धरा को औरराम नाम

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