जीत पर कविता
हिंदी कविताजीत पर कविता जब तक स्वास है ,करना अभ्यास है ।चित से प्रयास करें ,पूरी हर आस हो। परिश्रमी सच्चा जो,सफल रहे सदा वो।लक्ष्य मन में रखें,मंजिल ना दूर हो। बड़ों का आदर जहां ,सुस्वर्ग होता वहां।वंदन मन से करो ,जड़ों से जुड़े रहो । शपथ आज लेनी है ,विटप सम धीर हो ।कदम ना

