प्रसन्न रहे मेरी मां भारती -रश्मिअग्निहोत्री
हिंदी कविताप्रसन्न रहे मेरी मां भारती हे गणपति ! गणराज, गणनायक,विघ्नहर्ता वरदाता, मंगल दायक।अष्ट सिद्धि, नव निधि के दाता, आए शरण, राखो लाज विधाता। हे शंकर सु्वन, भवानी नंदन,रिद्धि देना और सिद्धि देना।कोमल बुद्धि देना हर सकू संताप जगत के आप मुझे प्रसिद्धि देना। मोह माया से चित को दूर रखूं ,प्रभु मुझको ऐसी शक्ति देना।कुटुंबियों पर स्नेह […]
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