हिंदी कविता

सुनो एक काम करते हैं

हिंदी कविता

सुनो एक काम करते हैं सुनो एक काम करते हैं दोनों भाग जाते हैंचलेंगे उस जगह पे हम जहां सब मुस्कुराते हैंबहारों का हंसी मौसम जहाँ हर रोज़ रहता होपपीहे पीहू पीहू के जहाँ पे गीत गाते हैं दूर तक फैला हो अम्बर क्षितिज सा इक नज़ारा होबीच खेतों के सुंदर सा वहीं इक घर […]

सुनो एक काम करते हैं Read More »

उषा सुहानी लगे प्यारी

हिंदी कविता

उषा सुहानी लगे प्यारी उषा सुहानी लगे प्यारी मंद पवन की ठंडक न्यारी घोंसला छोड़ पंछी भागे उषाकाल नींदों से जागे ।            कोयल की सुन मीठी वाणी            छुप छुप किया करे मनमानी             शीतल मंद पवन मदमाती             रवि किरण तन -मन को लुभाती। कोहरा आकाश धुँधलाता । हरा भरा तृण उर लुभाता।

उषा सुहानी लगे प्यारी Read More »

स्वामी विवेकानंद

स्वामी जी आपको करते हैं नमन

हिंदी कविता

स्वामी जी आपको करते हैं नमन स्वामी जी आपको करते हैं नमनस्वीकार कीजिए श्रद्धा सुमन वेदों का पाठ सारे जग को पढ़ायादुनिया में भारत का मान बढ़ायाशिकागो का यादगार सम्मेलनस्वामी जी आपको करते हैं नमन युवाओं को बढ़ने का मार्ग बतायादीन-दुखियों को गले से लगायासेवा में अर्पित किया जीवनस्वामी जी आपको करते हैं नमन रामकृष्ण

स्वामी जी आपको करते हैं नमन Read More »

निंदा पर सोरठा- मनीभाई

हिंदी कविता

निंदा पर सोरठा चुगली औषधि होत, करती मरहम काम जो।परनिंदा दुख स्रोत ,        स्वनिंदा बैकुंठ सम।।✒️ मनीभाई ‘नवरत्न’

निंदा पर सोरठा- मनीभाई Read More »

कुछ पल तुम्हारे साथ

हिंदी कविता

कुछ पल तुम्हारे साथ कुछ पल तुम्हारे साथ,बीते लम्हें मेरे साथ,उन यादों को सुन्दर रूपहले,आंचल में समेट कर,चारों तरफ से उसे ओढ़ लेती हूं,और महफूस-महसूस, करती हूं।कितनी बातें तुम्हारे साथ,कितनी यादें तुम्हारे साथ,उन यादों में लड़ना झगड़ना,और खुद से ही शरमा जाना। कितनी मीठी बातें तुम्हारी,कितनी यादें प्यार भरी ,गुनगुनी धूप सी अलसाई सी,वहां से

कुछ पल तुम्हारे साथ Read More »

स्वामी विवेकानंद

हे युवा उठो चलो जागो

हिंदी कविता

हे युवा उठो चलो जागो कितनी बातें लिखेंगे??कितनी…. ईमानदारी से।डीजिटल हुई भावनाएँ,इंटरनेट की पहरेदारी से। कुछ बंधक है कुछ ग्रस्त,कुछ तो.. फसे भारी त्रस्त।जाने चहरे की वेदनाएँ क्यों,स्टेट्स के रास्ते गई व्यस्त। किसे फर्क पड़ता,कौन??किसने परोसा है आघात वज्र।युवा क्रांति लुप्त ना हो जायें,सोशल मीडिया क्षरण है बज्र। कुछ तो योग हो,कुछ ध्यान,हिमालय से उच्च

हे युवा उठो चलो जागो Read More »

प्रिय का अनुपम श्रृंगार

हिंदी कविता

प्रिय का अनुपम श्रृंगार चंदन, कालीयक, अंगरू, सुगंध मिल,क्या खूब बना है अंगराग।स्नान के जल पुष्प से सुरभित,लो कर लिए तुमने जलविहार,देख मेरा मन बोल उठा अब,प्रिय का अनुपम श्रृंगार ।। केसर,कमल,मंदार,शिरीष सब,शरीर की सज्जा बढ़ाती है,मुंह सुगंधित करने को तूम,तांबुल, पान जो खाती है,कानों में शोभित है झुमके,शोभ रहा नौलखा हार,देख मेरा मन बोल

प्रिय का अनुपम श्रृंगार Read More »

मेरी प्यारी बहन पर कविता

हिंदी कविता

मेरी प्यारी बहन पर कविता आज तेरी विदाई है मेरी प्यारी बहन ।अपनों से जुदाई है मेरी प्यारी बहन आज तेरी विदाई है मेरी प्यारी बहन। याद आते हैं वो प्यारे दिन,,जब तू जातीं थी मुझसे झगड़,,बाँध आँखों पे पट्टी मेरी,,कहती आ अब मुझे तू पकड़,सुन ना जा अब मुझे छोड़कर मेरी प्यारी बहन ।जान

मेरी प्यारी बहन पर कविता Read More »

हे दिवाकर तुम्हें प्रणाम

हिंदी कविता

हे दिवाकर तुम्हें प्रणाम हे दिनकर ,दिवाकर,भानु,भास्कर,हे आक,आदित्य,दिनेश,मित्र,,हे सूर्य,अरुण,अंशुमालि,पतंग,हे विहंगम,प्रभाकर तू मार्तण्ड,इन्हीं ढेरों नाम में तेरा और है एक रवि नाम।हे दिवाकर तुम्हें प्रणाम, हे प्रभाकर  तुम्हें प्रणाम ।। इस श्रृष्टि में जब मेरा अस्तित्व नहीं था,हे मित्र।जब से मैं अस्तित्व में आया देखु तेरा,साक्षात चित्र।अद्भुत प्रकाश से दुनिया में उजाला करते हो,हे अंशुमालि।संसार को

हे दिवाकर तुम्हें प्रणाम Read More »

अपना प्यारा गाँव

हिंदी कविता

अपना प्यारा गाँव मिल जुलकर रहते सब लोग,,सत्य अहिंसा का आज भी प्रयोग,,अब भी बुजुर्गों को ही जानते हैं,,बस उन्हीं का फैसला मानते हैं,,एक दूसरे का साथ निभाते कभी न करते हैं छलाँव।यही है अपना प्यारा गाँव,यही है अपना न्यारा गाँव ।। धान और गेहूँ के लहलहाते पौधे,मिट्टी के अनुपम घरौंदे ,,सरसों के फूल उन्मुक्त

अपना प्यारा गाँव Read More »

लो चले आये तुम भी श्मशान

हिंदी कविता

लो चले आये तुम भी श्मशान कहाँ गया धन दौलत भाई,,कहाँ गया तेरा अभिमान ,,,बाँस की ठठरी चढ़कर भाई,,लो चले आये तुम भी श्मशान । लुट गया धन दौलत भाई  ,,मिट गया देख मेरा अभिमान,,खाट छोड़ अब बाँस पे चढ़कर,,लो चले आये हम भी श्मशान । कहाँ गया अरमान तुम्हारा,,कहाँ गया तेरा सम्मान,,,,,,,खत्म हुई जिन्दगी

लो चले आये तुम भी श्मशान Read More »

सुंदर और अच्छे में भेद

हिंदी कविता

सुंदर और अच्छे में भेद युवावस्था में सुंदर दिखते हैं सभी,चाह होती है,उम्र की परवाह होती है,श्रृंगार से प्रेम,दर्पण से लगाव,घण्टों निहारते अपने हाव-भाव,आधुनिक परिधानों से सुसज्जित,भीड़ में अलग दिखने की चाह में भ्रमित!किंतु–प्रौढ़ावस्था में,श्रृंगार बदलने लगता है,कभी मन मचलता था अब,शांत रहने लगता है!सुर्ख,चटक रंगों को छोड़,मन जोगिया चुनने लगता है,भीड़,शोर से दूर,एकांत में

सुंदर और अच्छे में भेद Read More »

Scroll to Top