समझाये सबो मोला (छत्तीसगढ़ी गजल)
हिंदी कवितापगला कहे दुनिया समझाये सबो मोला ।का तोर मया हे दिखलाये सबो मोला ।। मन मोर भरम जाये वो ही गोठ ला करथेंदुरिहा चले जावों भरमाये सबो मोला । मँगनी के मया नोहे मया हावे जनम केनिंदा करें सब झन बिचकाये सबो मोला । कइसे तोला छोड़ँव मर जाहूँ लगे अइसेअर्थी मा मढ़ाये अलगाये सबो
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