मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे

Jai Sri Ram kavitabahar

राम/श्रीराम/श्रीरामचन्द्ररामायण के अनुसार,रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र, सीता के पति व लक्ष्मणभरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता थे। हनुमान उनके परम भक्त है। लंका के राजा रावण का वध उन्होंने ही किया था। उनकी प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया।

मेरे श्रीराम प्रकृति पूजा / राजकुमार मसखरे

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ओ मेरे प्रभु वनवासी राम
आज पधारे अयोध्या धाम,
चौदह वर्ष तक वन को घूमे
अब करो अविरल आराम !

निषाद राज गंगा पार कराये
कंदमूल खा कर,सरिता नहाए,
असुरों को राम तुम खूब संहारे
ऋषिमुनियों को जो थे सताए !

भूमि कन्या थी सीता माई
शेष अवतारी लक्ष्मण भाई,
पर्ण कुटी संग,घास बिछौना
भील राज संग करे मिताई !

मृग को मारे,अहिल्या को तारे
सांप,गरुड़ के संग कागा कारे,
संग संग रहे रीछ वानर मितवा
ऐसे थे प्रभु जी श्रीराम हमारे !



-राजकुमार मसखरे

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