राखी पर कविता (चौपइया छंद ) बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
नारी जीवन और संवेदना(चौपइया छंद) यह प्रति चरण 30 मात्राओं का सममात्रिक छंद है। 10, 8,12 मात्राओं पर यति। प्रथम व द्वितीय यति में अन्त्यानुप्रास तथा छंद के चारों चरण समतुकांत। प्रत्येक चरणान्त में गुरु (2) आवश्यक है, चरणान्त में दो गुरु होने पर यह छंद मनोहारी हो जाता है।इस छंद का प्रत्येक यति में मात्रा बाँट निम्न प्रकार है।प्रथम […]
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