कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

करना हो तो काम बहुत हैं

हिंदी कविता

करना हो तो काम बहुत हैं नेकी के तो धाम बहुत हैंकरना हो तो काम बहुत हैं।सोच समझ रखे जो बेहतरउनके अपने नाम बहुत हैं।प्रेम रंग गहरा होता हैरंगों के आयाम बहुत हैं।गुण सम्पन्न बहुत होते हैंवैसे तो बदनाम बहुत हैं।इश्क़ खुदा से सीधी बातेंमन हल्का आराम बहुत है।लक्ष्य एक पर पंथ अलग हैंसभी में […]

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हमारी भाग्य विधाता मां

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। हमारी भाग्य विधाता मां ना शब्द है ना कोई बात,जो मां के लिए लिख पाऊं,उसके चरणों में मैं,नित-नित शीश

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समय -देवता

समय और जीवन दर्शन, हिंदी कविता

समय -देवता देव,दनुज,नाग,नर,यक्ष,सभीनित मेरी महिमा गाते हैं।सत्ता सबसे ऊपर मेरी,सब सादर सीस झुकाते हैं।।1 देव मैं महान शक्तिशाली,हूँ अजर,अमर,अविनाशी मैं।सर्वत्र मेरा ही शासन है,नित प्रवहमान एकदिशीय मैं।।2 मेरी प्रवाह के साथ-साथ,जो अपनी कदम बढ़ाते हैं।पुरुषार्थी,परिश्रमी जन ही,जीवन-फल लाभ उठाते हैं।।3 पूजते जन श्रद्धा-भक्ति से ,हरदम फल पाते मन सन्तोष।अति शीघ्र रीझ मैं जाता हूँ,जैसे देवों

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तू ही मेरा प्रारब्ध है माँ”

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। तू ही मेरा प्रारब्ध है माँ” वंदन अर्चन हे जन्मदायिनीसबसे  प्यारा  शब्द है   माँपहचान मेरी तेरे आँचल सेतू  ही 

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mother their kids

माँ तेरी ममता का कोई मोल नहीँ

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ तेरी ममता का कोई मोल नहीँ माँ तेरी ममता का कोई मोल नहीं।भू से भारी वात्सल्य तेरा, जिसका

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mother their kids

माँ पर कविता – अभिलाषा

हिंदी कविता

यहाँ माँ पर हिंदी कविता लिखी गयी है .माँ वह है जो हमें जन्म देने के साथ ही हमारा लालन-पालन भी करती हैं। माँ के इस रिश्तें को दुनियां में सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। माँ पर कविता – अभिलाषा माँ तुम…………………………..दया ममता करुणा की मूरत हो…ईश्वर की सूंदर प्रतिकृति हो….सघन वन की घनी

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दिल अपना तुझको दिया है

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दिल अपना तुझको दिया है नायक –दिल अपना मैने तुझको उपहार दिया हैक्यों तूने अभी तक नहीं स्वीकार किया हैनायिका –हां हमने सनम तुम पर ऐतबार किया हैलो आज कह दिया है तुमसे प्यार किया हैनायक –यादों में रात सारी गुज़ारते हैं हमख़्वाबों में भी बस तुमको पुकारते हैं हमचँदा में अक्स तेरा निहारते हैं

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सुन मैंया मोरी राधा से ब्याह करादे

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सुन मैंया मोरी राधा से ब्याह करादे सुन मैंया मोरी राधा से ब्याह करादे ।राधा मेरो मन को भावे माता मोहि दिलादे ।सुन मैंया मोरी राधा से ब्याह करादे ।मैंया –  ना ना लाला तू अभी है छोटा ।अकल का भी तू है   मोटा ।इस बात को दिल से भुलादेरे कान्हा अभी ब्याह की बात

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मौन बोलता है

हिंदी कविता

मौन बोलता है हाँ !मैं ठहर गया हूँतुम्हारी परिधि में आकरसुन सको तोमेरी आवाज सुनना“मौन” हूँ मैं,मैं बोलता हूँपर सुनता कौन हैअनसुनी सी बात मेरीतुम्हारी “चर्या” के दरमियाँमेरी    “चर्चा”  कहाँ ,काल के द्वार परमुझे सब सुनते हैंजीवन संगीत संगमुझे सुन लिया होतारंगीन से जबहुए जा रहे थेसंगीत जीवन काबज रहा था तब,व्योमकुछ धुंधलका समेटे हैनिराशा

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धरती माता रो रो कर करती यही पुकार

हिंदी कविता

धरती माता रो रो कर करती यही पुकार धरती माता रो रो कर करती  यही पुकार ।न मेरा रूप बिगाड़ो रे मनुज तुम  मुझे  संवारो ।।महल बना कर बड़े बड़ेतुम बोझ न मुझ पर डालो ।पेड़ पौधों को काट काटकर न पर्यावरण  बिगाड़ो।मैं हूँ सबकी भाग्य विधातासब जीवों से मुझे प्यार ।।न मेरा रूप बिगाड़ो रेमनुज

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हे धरती के भगवान

हिंदी कविता

हे धरती के भगवान हो तुम आसाधारण,तेरे कांधों पर दुनिया टिका है,तेरे खून के कतरे से ही  ,ये पावन धरती भिंगा है !!हे धरती के भगवान ,तु है बड़ा महान !! ऊसर भूमि उपजाऊ कर देता,कठोरता खुद हर लेता ,नित नव जुनून कुछ करने का ,कभी न सोचा स्वयं रखने का ,कमा-कमा कर तू रे

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