साल पर कविता
हिंदी कवितासाल ही तो है कुछ को होगी ख़ुशी, कोई ग़म से भर जाएगान जाने ये नया साल भी, क्या कुछ कर जाएगा कुछ अरमान होंगे पूरी इसमें उम्मीद है हमेंऔर कुछ इस साल कि तरह ख़ुद में मर जाएगा टूटा है गर मोहब्बत तो, हो ही जाएगा दोबाराबस देखो एहतियातन वहाँ तज जहाँ तक नज़र


