विश्व धरोहर दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

विश्व धरोहर दिवस अथवा विश्व विरासत दिवस, (World Heritage Day) प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि पूरे विश्व में मानव सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के प्रति जागरूकता लाई जा सके। विश्व धरोहर दिवस पर कविता (18 अप्रैल) प्रमुख धरोहर

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हनुमान जी पर छंद कविता

हिंदी कविता

हनुमान जी पर छंद कविता सबसे न्यारे, राम दुलारे,सब भक्तों के प्यारे हैं |घर-घर, द्वारे-द्वारे लगते,हनुमत के जयकारे हैं || भक्ति भाव से भक्त पुकारे ,अंतर्मन से माने है |भक्तों में हैं भक्त बड़े प्रभु,सारा जग यह जाने है || हनुमत की लीला इस जग में,मोह सभी को लेती है |भक्ति भाव मन में जागृत

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वीणापाणि सरस्वती पर हिंदी में कविता

हिंदी कविता

यहाँ पर वीणापाणि सरस्वती पर हिंदी में कविता लिखी गयी है जिसमे कवि ने माँ सरस्वती का गुणगान किया है. वीणापाणि सरस्वती पर हिंदी में कविता हे वीणापाणि माँ सरस्वतीतुम ज्ञान के सुर पिरोती माँमैं ठहरा अज्ञानी बालकतुम तो हो ज्ञान की ज्योति माँ स्वागत करूँ मैं तेरा दिल सेकरके हंस सवारी आती माँभाग्य मेरा

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भारत रत्न भीमराव अंबेडकर जी

हिंदी कविता

भारत रत्न भीमराव अंबेडकर जी बनाकर स्वर्ग भारत को,सुखों की धाम जिसने दी।गिरे पिछड़े जो कुचले थे,उन्हें भी मान जिसने दी।भारती माँ की रत्नों में,अमर है भीम जी बाबा।परम अम्बेडकर ही है,हमें संविधान जिसने दी। रहे चिंतक परम जग में,मनुजता मर्म पंथों के।मिला है पुण्य हम सबको,उन्हीं के श्रेष्ठ कर्मो के।बिना अम्बेडकर के आज,हम ऐसे

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doha sangrah

कमल पर दोहे

हिंदी कविता

प्रस्तुत कविता डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’ रायपुर (छ.ग.) द्वारा रचित है जिसे दोहा छंद विधा में लिखा गया है। यहां पर कमल पुष्प के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। कमल पर दोहे विधा — दोहा छंदशीर्षक — “कमल” कमल विराजे हरिप्रिया, देती धन वरदान।धन्य हुआ मकरंद अति, अपना गौरव जान।। खिलते जल

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मझधार पर कविता -रेखराम साहू

हिंदी कविता

मझधार पर कविता -रेखराम साहू जीवन,नौका है हम सबका, सरितावत् संसार है,जन्म,मरण दो तट हैं इसके,और आयु मझधार है। आत्मा,मन ये नाविक हैं दो,ये ही इसे चलाते हैं,कुशल हुए तो पार लगाते,अकुशल हुए डुबाते हैं।कर्म-धर्म से ही बनती इस नौका की पतवार है,जीवन,नौका है हम सब का, सरितावत् संसार है। मोह-मकर,मद-मीन तैरते,लोभ-क्षोभ लहराते हैं।अंध वासना

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तांका की महक

हिंदी कविता

तांका की महक बेटी का ब्याहहुआ धूमधाम सेहुई विदाईबहू जला दी गईफिर खबर आई 2लड़का एकमां बाप का सहाराबेरोजगारअशिक्षित नाकाराबना आंखों का तारा3एक लड़कीसुशील सुशिक्षितविनयशीलमायका ससुरालहो एक जैसा हाल4समय परहुआ नहीं जो काममान लीजिएगया कौड़ी के दामवो दशहरी आम5सोच बदलोसमय बदलताजीवन भरधोखा नहीं चलताकाम नहीं टलता पद्म मुख पंडा , वरिष्ठ नागरिक कवि लेखक एवम

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बदलते परिवेश पर कविता

हिंदी कविता

बदलते परिवेश पर कविता बदल रहा है आज जमाना डॉ एनके सेठी द्वारा रचित बदलते परिवेश पर कविता है। आज समय के साथ साथ रिश्तों की परिभाषा बदल चुकी है। बदल रहा है आज जमाना भौतिकता के नए दौर मेंबदल गया सब ताना बाना।रिश्तों की मर्यादा टूटीबदल रहा है आज जमाना।। चौपालें सूनी हैं सारीसंस्कारों

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7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कविता

महत्वपूर्ण दिन आधारित कविता

7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कविता पहला सुख निरोगी काया।हमारे पूर्वजो ने भी बताया। अच्छी लागे ना मोह माया,अगर निरोगी ना हो काया। निरोगी जीवन का आधार।सबसे पहले हमारा आहार। रसना को जिसमें रस आये ,तन को वो रास न भी आये। नमक, चीनी और मैदा ।यह तो है रोगों से सौदा। तला भूना

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सामाजिक क्रांति के मसीहा – कांशीराम

समाज और यथार्थ

प्रस्तुत हिंदी कविता सामाजिक क्रांति के मसीहा काशीराम कवि डिजेंद्र कुर्रे कोहिनूर द्वारा रचित है जहां पर कवि ने कांशीराम जी के जीवन परिचय को काव्य का रूप दिया हुआ है। सामाजिक क्रांति के मसीहा – कांशीराम गिरे पड़े पिछड़ों कुचलों को,अपने गले लगाए थे।मानवता का धर्म जगाने,जो इस जग में आए थे। सन उन्नीस

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doha sangrah

अभिमान पर दोहे

हिंदी कविता

प्रस्तुत हिंदी कविता ” अभिमान ” कवयित्री मनोरमा चंद्रा’रमा‘ के द्वारा दोहा — छंद में रची गई है। इस कविता में कवयित्री ने माया , धन वैभव की निस्सारता, जाति धर्म भेदभाव पर भी बात रखी है। अभिमान पर दोहे मन में निश्छलता रहे, छोड़ चलें अभिमान।श्रेष्ठ जीत के भ्रम पड़े, खोना मत पहचान।। माया

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Jai Sri Ram kavitabahar

राम कथा के हाइकु

नारी जीवन और संवेदना

रामकथा को आप अपनी विभिन्न कहानियों लेखों और कविताओं के माध्यम से जाना ही होगा । आज रामकथा को हाइकु के माध्यम से जानें, जिसे लिखा है रमेश कुमार सोनीजी ने। वैसे बता दें, हाइकु एक जापानी काव्य विधा है । राम कथा के हाइकु 1जटायु मनसीता लाज की रक्षामौत से लड़ा। 2राम का स्पर्शशीला,

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