कविता बहार

"कविता बहार" हिंदी कविता का लिखित संग्रह [ Collection of Hindi poems] है। जिसे भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि के रूप में संजोया जा रहा है। कवियों के नाम, प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कविता बहार प्रतिबद्ध है।

jai durga maa

दुर्गा मैया पर कविता – सुशी सक्सेना

प्रकृति और पर्यावरण

दुर्गा या आदिशक्ति हिन्दुओं की प्रमुख देवी मानी जाती हैं जिन्हें माता, देवी, शक्ति, आध्या शक्ति, भगवती, माता रानी, जगत जननी जग्दम्बा, परमेश्वरी, परम सनातनी देवी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। शाक्त सम्प्रदाय की वह मुख्य देवी हैं। दुर्गा को आदि शक्ति, परम भगवती परब्रह्म बताया गया है। दुर्गा मैया पर कविता आओ […]

दुर्गा मैया पर कविता – सुशी सक्सेना Read More »

jai durga maa

दुर्गा मैया पर गीत – आषीश कुमार

Uncategorized

दुर्गा मैया पर गीत तेरे रूप अनेक हैं मैयाहर रूप में हमको भाती होनवरात्रि में नौ दुर्गा रुप मेंहम पर ममता लुटाती हो तीनो लोक हैं काँपे तुमसेजब शक्ति रूप धरती होचण्‍ड-मुण्‍ड और ऐसे कितनेमहिषासुर मर्दन करती हो तुम बनती हो लक्ष्मी माँसारा संसार चलाती होधन की वर्षा करती जबकुटिया भी महल बनाती हो जब

दुर्गा मैया पर गीत – आषीश कुमार Read More »

beti

नन्हीं चिड़िया पर कविता – मीना रानी

हिंदी कविता

नन्हीं चिड़िया पर कविता माँतेरे आंगन कीमैं एकनन्हीं चिड़ियाखेलती-चहचहातीआंगन मेंसुबह उठते हीकानों मेंरस भरतीफुदकती फिरतीमुझे देखभूल जाती तूंसारे गम जहान केकाम दिन-रात मैं करतीतेरी सेवा मैं करती बदले में कुछ न चाहतीबड़ी हुई तोउड़ गई इस आंगन सेमाँ भूल न जानाइस नन्हीं चिड़िया को । -मीना रानी, टोहानाहरियाणा

नन्हीं चिड़िया पर कविता – मीना रानी Read More »

दीपावली : सुवा गीत/ छत्तीसगढ़ी रचना

नारी जीवन और संवेदना

यहाँ पर दीपावली अवसर पर गए जाने वाला सुवा गीतों का संकलन किया गया है . छत्तीसगढ़ में सुआ गीत प्रमुख लोकप्रिय गीतों में से है। सुआ गीत का अर्थ है सुआ याने मिट्ठु के माध्यम से स्रियां सन्देश भेज रही हैं। सुआ ही है एक पक्षी जो रटी हुई चीज बोलता रहता है। इसीलिए

दीपावली : सुवा गीत/ छत्तीसगढ़ी रचना Read More »

हिन्दी वर्णमाला पर कविता – दुर्गेश मेघवाल

हिंदी कविता

हिन्दी वर्णमाला पर कविता- दुर्गेश मेघवाल अ से अनार ,आ से आम , पढ़ लिख कर करना है नाम। इ से इमली , ई से ईख , ले लो ज्ञान की पहली सीख । उ से उल्लू ,ऊ से ऊन, हम सबको पढ़ने की धुन । ऋ से ऋषि की आ गई बारी, पढ़नी है

हिन्दी वर्णमाला पर कविता – दुर्गेश मेघवाल Read More »

मित्र और मित्रता पर कविता – बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

मित्र और मित्रता पर कविता हो दया धर्म जब मित्र में,सुमित्र उसको मानिए।ना मैल हो मन में कभी, कर्मों को नित छानिए।आदर सेवा दे मित्र को,प्यार भी दिल से करो।दुखडा उस पर कभी पड़े, दुःख जाकर के हरो।मित्रों से नाता कभी भी ,भूल कर तोड़ों नहीं। पथ बिचमें निज स्वार्थवश,ज्ञातरख छोड़ी नहीं। भाव रख उत्तम

मित्र और मित्रता पर कविता – बाबूराम सिंह Read More »

रामधारी सिंह दिनकर/ बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

रामधारी सिंह दिनकर जी तेईस सितम्बर  सरस,सन उन्नीस सौ आठ।बालक एक जन्म लिया,शुभ सेमरिया घाट।। बेगु   सराय  बिहार  में ,  है  सेमरिया   घाट।होनहार बालक हुआ,मिला न जिनका काट।। मन में ज्ञानालोक ले ,सुख-दुख सह आघात।नाम रामधारी  पड़ा ,हुआ  जगत विख्यात।। महा  धर्मज्ञ   मर्मज्ञ   थे , राह  प्रदर्शक  नेक। सुकवि हृदय विशाल रहे,लख लाखों में एक।।

रामधारी सिंह दिनकर/ बाबूराम सिंह Read More »

doha sangrah

दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा

हिंदी कविता

दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा दिनकर दिनकर से हुए,हिन्दी हिन्द प्रकाश।तेज सूर जैसा रहा, तुलसी सा आभास।।.जन्म सिमरिया में लिये, सबसे बड़े प्रदेश।सूरज सम फैला किरण, छाए भारत देश।। भूषण सा साहित्य ध्रुव, प्रेमचंद्र सा धीर।आजादी के हित लड़े,दिनकर कलम कबीर।। भारत के गौरव बने, हिन्दी के सरताज।बने हिन्द के राष्ट्रकवि,हम कवि करते

दिनकर जी पर दोहे – बाबूलाल शर्मा Read More »

मानवता पर ग़ज़ल – बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

मानवता पर ग़ज़ल तपस्या तपमें गल कर देखो।सत्य धर्म पर चल कर देखो।। प्रभु भक्ति शुभ नेकी दान में,अपना रूख बदलकर देखो। दीन-दुखीअबला-अनाथ की,पीड़ा बीच पिघल  कर  देखो। सेवा समर्पण  शुभ  कर्मों  में,शुचि संगत में ढ़ल कर देखो। त्याग  संतोष होश रखो जग,सचमें सदा मचल कर देखो। करूणा  दया  हया  मध्य रह,पग-पग नित संभलकर देखो।

मानवता पर ग़ज़ल – बाबूराम सिंह Read More »

नारी की सुन्दरता पर कविता – बाबूलाल शर्मा

नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कविता

नारी की सुन्दरता पर कविता नीति नियामक हाय विधायक,भाग्य कठोर लिखे हित नारी।सत्य सदा दिन रात करे श्रम,वारि भरे घट ले पनिहारी।पंथ चले पद त्राण नहीं पग,कंटक कष्ट हुई पथ हारी।‘विज्ञ’ निहार अचंभित मानस,सुंदर नारि कि सुंदर सारी।. ….👀🌹👀….केश खुले घन कृष्ण घटा सम,ले घट हाथ टिका कटि धारे।गौर शरीर लगे अति कोमल,नैन झुके पर

नारी की सुन्दरता पर कविता – बाबूलाल शर्मा Read More »

तन की माया पर कविता – बाबूराम सिंह

हिंदी कविता

गजल तन की माया पर कविता तनआदमी का जग मेंअनमोल रतन है। बन जायेअति उत्तम बिगड़ा तो पतन है। सौभाग्य से है पाया जाने कब मिले,नर योनी में हीं कटता आवागमन है। सेवा, तपस्या ,त्याग मध्य ही राग अनुपम,शुभ गुणआचरणको जगत करता नमन है। सच्चाई अच्छाई से सुफल इसे बना लो,आखिर साथ जाता सिर्फ तनपै

तन की माया पर कविता – बाबूराम सिंह Read More »

doha sangrah

भारत के राज्यों नाम को याद करने के लिए दोहा सूत्र

हिंदी कविता

भारत के राज्यों नाम को याद करने के लिए दोहा सूत्र भारत के राज्यों पर दोहा उप अपंगु आजहि उमे, अत्रि झाक सिउ राम।गोमि बिमत ‘छग’ के हते, ‘विज्ञ प्रांत के’ नाम।। 🌞 उ – उत्तर प्रदेश 🌞 गो – गोवा🌞 प – पश्चिमी बंगाल 🌞 मि – मिजोरम🌞 अ – अरुणाचल प्रदेश 🌞 बि

भारत के राज्यों नाम को याद करने के लिए दोहा सूत्र Read More »

Scroll to Top