तथाकथित श्रेष्ठता
हिंदी कवितातथाकथित श्रेष्ठता मुंडेर को था घमंड अपनी श्रेष्ठता पर देहली पर बड़ी इतराईबड़ी लफ्फाजी कीबड़ी तानाकशी कीअपनी उच्चता केमनगढ़ंत दिए प्रमाण ताउम्र उसी देहली पर चढ़कर खड़ी रही मुंडेर जिसको वहकमतर व नीचीकहती न थकी एक दिन आया जलजलाचरमरा कर ढह गई मुंडेर आ कर गीरीदेहली के पास छू मंत्र हो गई तथाकथित श्रेष्ठता। -विनोद […]



