KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR
Browsing Tag

@कार्तिक अमावस्या गोवर्धन पूजा पर हिंदी कविता

कार्तिक अमावस्या गोवर्धन पूजा : मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान इन्द्र ने बृजवासियों से नाराज होकर मूसलाधार बारिश की थी. तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर बृजवासियों की मदद की थी और उनको पर्वत के नीचे सुरक्षा प्रदान की थी. तब से ही भगवान श्री कृष्ण को गोवर्धन के रूप में पूजने की परंपरा है

बैल दीवाली -डी कुमार अजस्र (दुर्गेश मेघवाल ,बूंदी /राजस्थान ) विधा -कविता/ पद्य

'बैल दिवाली ' रचना डी कुमार--अजस्र द्वारा बैल (OX)दिवाली ,गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव के संदर्भ में स्वरचित रचना है
Read More...

गोवर्धन विषय पर दोहे -बाबू लाल शर्मा

गोवर्धन विषय पर दोहे -बाबू लाल शर्मा (दोहा छंद)गिरि गोवर्धन नख धरे, करे वृष्टि से रक्ष!दिए चुनौती इन्द्र को, जन गोधन के पक्ष!! महिमा हुई पहाड़ की, करे परिक्रम लोग!मानस गंगा पावनी, गिरिधर पूजन भोग!! द्वापर में संदेश वर, दिया कृष्ण भगवान!गो,गोधन पशुधन भले, कृषि किसान सम्मान!! भारत कृषक प्रधान है, गोधन वर धन मान!कृष्ण रूप सैनिक सभी, यह…
Read More...

गिरिराज गोवर्धन की महिमा

गिरिराज गोवर्धन की महिमा कार्तिक अमावस्या गोवर्धन पूजा Kartik Amavasya Govardhan Puja संसार में भक्ति प्रेम अनुरक्ति से मिलता छप्पर फाड़।ब्रज वासियों की रक्षा में उठाये कृष्ण गोवर्धन पहाड़। द्वापर युग की बात,क्यों पूजन करें हम इंद्र देवता को।जब गिरि गोवर्धन चारा दें,सिचिंत करें धरती मात को।जिनसे हम ब्रज वासियों को,मिलता है लाभ साक्षात।पूजन…
Read More...