*नारी शक्ति पर कविता

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

सर्व शक्ति का रूप है नारी /रचयिता:-डी कुमार–अजस्र

विधा:- पद्य/कविता विषय:-स्त्री शक्ति की प्रतिमूर्ति रचना शीर्षक:- *सर्वशक्ति का रूप है नारी* रचनाकार नाम :- *डी कुमार–अजस्र(दुर्गेश मेघवाल,बून्दी/राज.)* प्रतियोगिता के लिए:- हाँ प्रतियोगिता नियमावली मंजूर:- हाँ डाक प्राप्ति पता :- दुर्गेश कुमार मेघवाल(व्याख्याता) आत्मज श्री प्रभू लाल मेघवाल ‘काला सदन’ पुराना माटुंदा रोड़ ,इंद्रा कॉलोनी बून्दी ,जिला बून्दी राजस्थान पिन:-323001 मोबाइल नम्बर :- 9461302199

नारी का सम्मान करो

नारी का सम्मान करो लावणी छंदवेद ग्रंथ में कहें ऋचाएँ, जड़ चेतन में ध्यान धरो।.जननी भगिनी बिटियाँ पत्नी, नारी का सम्मान करो।.. नारी से नर नारायण हैं, नारी सुखों की खान है।प्रसव वेदना की संधारक, नारी कोख़ बलवान है।ममता की मूरत है जग में,सुचिता शील वरदान है।ज्वाला रूप धरे नारी तब, लागे ग्रहण का भान …

नारी का सम्मान करो Read More »

download-8e20b27b

सम्भल जाओ आज से- प्रिया सिंह

सम्भल जाओ आज से- प्रिया सिंह भारत वर्ष की बेटी हूं, समझ गई अपना अधिकार ।अन्याय नहीं सहन करेंगे, अब मेरी भी वाणी में धार।अब चाहोगे तुम रोकना हमें , अपने आदतन अंदाज से।पर रोकने वाले!  खुद रुक जाओ, सम्भल जाओ आज से । जितना करना था अत्याचार हम पर, उसको हम सह गये।सहते सहते …

सम्भल जाओ आज से- प्रिया सिंह Read More »

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

हाँ मैं नारी हूँ

कविता बहार-कविता लेखन प्रतियोगिता
कविता लेखन प्रतियोगिता-2021
प्रतियोगिता अवसर-8 मार्च, अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस
प्रतियोगिता विशेषांक-महिला जागृति‘‘हाँ मैं नारी हूँ, मैं चेहरे की हवाईयाँ ही नहीं, आज मैं हवाई जहाज भी उड़ाती हूँ’’

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

इंसान के रूप मे जानवर

इंसान के रूप मे जानवर क्यों ,जानवर इंसानियत को इतना शर्मसार कर रहा हैवो जानकर भी कि ये गलत है फिर भी गलती बार-बार कर रहा हैवो कुछ इस तरह से लिप्त हो रहे दरिंदगी मे मानोदरिंदगी के लिए ही पैदा हुआ हो सो हजार बार कर रहा है.मर चुका है इंसान उसका राक्षस को …

इंसान के रूप मे जानवर Read More »

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है

लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है दरिंदो ने दरिंदगी निभा ही दी,फरिश्ते अब मेरी मौत के बाद मदद की दुहार लगाने लगे है।मेरे माँ-बाप को गले से लगाने चले है,लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है।काश! काश!बालात्कार कर छोड़ गई बेटी,आसमाँ में परिंदो सा उड़ पाती।मुस्कुराहट पर हक है उसका ,ये बात …

लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है Read More »

8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 March International Women's Day

नारी तुम हो नदी की धारा

कविता बहार लेखन प्रतियोगिता २०२१
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष
शीर्षक:”नारी  तुम हो  नदी  की धारा”

झांसी वाली रानी

नारी तू ही शक्ति है

महिलाओं के प्रति बुरी नीयत रखने वालों के लिए
स्वयं महिला को कमर कसनी होगी।
ये जीवन डर के नहीं, डट कर जीना होगा।
क्योंकि
“नारी तू ही शक्ति है”

You cannot copy content of this page