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*नारी शक्ति पर कविता

सर्व शक्ति का रूप है नारी /रचयिता:-डी कुमार–अजस्र

विधा:- पद्य/कविता विषय:-स्त्री शक्ति की प्रतिमूर्ति रचना शीर्षक:- *सर्वशक्ति का रूप है नारी* रचनाकार नाम :- *डी कुमार--अजस्र(दुर्गेश मेघवाल,बून्दी/राज.)* प्रतियोगिता के लिए:- हाँ प्रतियोगिता नियमावली मंजूर:- हाँ डाक प्राप्ति पता :- दुर्गेश कुमार मेघवाल(व्याख्याता) आत्मज श्री प्रभू लाल मेघवाल 'काला सदन' पुराना माटुंदा रोड़ ,इंद्रा कॉलोनी बून्दी ,जिला…
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नारी का सम्मान करो

नारी का सम्मान करो लावणी छंदवेद ग्रंथ में कहें ऋचाएँ, जड़ चेतन में ध्यान धरो।.जननी भगिनी बिटियाँ पत्नी, नारी का सम्मान करो।.. नारी से नर नारायण हैं, नारी सुखों की खान है।प्रसव वेदना की संधारक, नारी कोख़ बलवान है।ममता की मूरत है जग में,सुचिता शील वरदान है।ज्वाला रूप धरे नारी तब, लागे ग्रहण का भान है।गगन बदन भेदन क्षमता है, मुक्त कंठ गुणगान…
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सम्भल जाओ आज से- प्रिया सिंह

सम्भल जाओ आज से- प्रिया सिंह भारत वर्ष की बेटी हूं, समझ गई अपना अधिकार ।अन्याय नहीं सहन करेंगे, अब मेरी भी वाणी में धार।अब चाहोगे तुम रोकना हमें , अपने आदतन अंदाज से।पर रोकने वाले! खुद रुक जाओ, सम्भल जाओ आज से । जितना करना था अत्याचार हम पर, उसको हम सह गये।सहते सहते तेरा दुर्व्यवहार, हम केवल घर तक ही रह गये।जाना न था हममें भी लावा ,जो जला…
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हाँ मैं नारी हूँ

कविता बहार-कविता लेखन प्रतियोगिता कविता लेखन प्रतियोगिता-2021 प्रतियोगिता अवसर-8 मार्च, अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस प्रतियोगिता विशेषांक-महिला जागृति‘‘हाँ मैं नारी हूँ, मैं चेहरे की हवाईयाँ ही नहीं, आज मैं हवाई जहाज भी उड़ाती हूँ’’
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इंसान के रूप मे जानवर

इंसान के रूप मे जानवर क्यों ,जानवर इंसानियत को इतना शर्मसार कर रहा हैवो जानकर भी कि ये गलत है फिर भी गलती बार-बार कर रहा हैवो कुछ इस तरह से लिप्त हो रहे दरिंदगी मे मानोदरिंदगी के लिए ही पैदा हुआ हो सो हजार बार कर रहा है.मर चुका है इंसान उसका राक्षस को संजोए हुए हैंअंजाम की परवाह नहीं मौत का कफ़न ओढ़े हुए हैंवो बहन बेटी की इज्ज़त से आज खुलेआम…
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लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है

लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है दरिंदो ने दरिंदगी निभा ही दी,फरिश्ते अब मेरी मौत के बाद मदद की दुहार लगाने लगे है।मेरे माँ-बाप को गले से लगाने चले है,लगता है मेरी अस्थियो को फिकँवाने चले है।काश! काश!बालात्कार कर छोड़ गई बेटी,आसमाँ में परिंदो सा उड़ पाती।मुस्कुराहट पर हक है उसका ,ये बात दुनिया मुसकुराकर कह जाती।हाँ, तब वो जिंदा होती।।उसे…
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नारी तू ही शक्ति है

महिलाओं के प्रति बुरी नीयत रखने वालों के लिए स्वयं महिला को कमर कसनी होगी। ये जीवन डर के नहीं, डट कर जीना होगा। क्योंकि "नारी तू ही शक्ति है"
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