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मत करो प्रकृति से खिलवाड़-दीप्ता नीमा
प्रकृति से खिलवाड़ पर्यावरण असंतुलन-तबरेज़ अहमद
सर्वधर्म सार तत्व (दोहे)
रामायण के पात्रों पर दोहा / ओमकार साहू
भोर वंदन- नवनिर्माण करें
सड़क पर कविता
हे शारदा तुलजा भवानी (सरस्वती-वंदना)
मत करो प्रकृति से खिलवाड़-एकता गुप्ता
खुद की तलाश _ तबरेज़ अहमद
ज़ज्बा–ए-वतन
हिंदी साहित्य जगत में अनेक सितारे हैं
विश्व ही परिवार है- आर आर साहू
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