कविता बहार

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गणपति पर कविता – नीरामणी श्रीवास नियति

हिंदी कविता

गणपति पर कविता गणपति बप्पा आ गए ,भादो के शुभ माह।भूले भटके जो रहे , उन्हें दिखाना राह ।।उन्हें दिखाना राह , कर्म सत में पग धारे ।अंतस के खल नित्य , साधना करके मारे ।नियति कहे कर जोड़, चाहते हो गर सदगति ।शरणागत हो आज , ध्यान करना है गणपति ।। गणपति बप्पा मोरिया […]

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घर-घर में गणराज – परमानंद निषाद

समाज और यथार्थ

“घर-घर में गणराज” परमानंद निषाद द्वारा रचित एक कविता है जो गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की महिमा और उनकी पूजा के महत्व को दर्शाती है। यह कविता गणेश उत्सव की खुशी, भक्ति, और सांस्कृतिक समृद्धि को प्रकट करती है। *घर-घर में गणराज (दोहा छंद)* आए दर पे आपके, कृपा करो गणराज।हे लम्बोदर

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गौरी के लाला गनराज

हिंदी कविता

गणपति को विघ्ननाशक, बुद्धिदाता माना जाता है। कोई भी कार्य ठीक ढंग से सम्पन्न करने के लिए उसके प्रारम्भ में गणपति का पूजन किया जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का दिन “गणेश चतुर्थी” के नाम से जाना जाता हैं। इसे “विनायक चतुर्थी” भी कहते हैं । महाराष्ट्र में यह उत्सव सर्वाधिक

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वतन वालों वतन ना बेच देना

हिंदी कविता

वतन वालों वतन ना बेच देना वतन वालों वतन ना बेच देनाये धरती, ये गगन ना बेच देनाशहीदों ने जान दी है, वतन के वास्तेशहीदों के कफ़न ना बेच देना दोस्तों, साथियों, हम चले दे चलेअपना दिल अपनी जाँताकि जीता रहे अपना हिन्दोस्ताँहम जीये, हम मरे, इस वतन के लिएइस चमन के लिएताकि खिलते रहें

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महाभारत अर्जुन और कृष्ण

महाभारत पर दोहा : 10 पात्रों की व्याख्या

समाज और यथार्थ

यदि “महाभारत” को पढ़ने का समय न हो , तो भी इसके दस सार-सूत्र महाभारत के पात्रों पर दोहा हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं.

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पेड़ हमारे मित्र पर कविता

हिंदी कविता

पेड़ हमारे जीवन के अनमोल साथी और सच्चे मित्र होते हैं। ये हमें स्वच्छ वायु, छाया, और अनेक प्रकार के फल-फूल प्रदान करते हैं। इनका महत्व केवल हमारे दैनिक जीवन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ये हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। पेड़ हमारे सच्चे मित्र हैं

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पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा हिंदी कविता

देशभक्ति, हिंदी कविता

“पुष्प की अभिलाषा” माखनलाल चतुर्वेदी की एक प्रसिद्ध कविता है, जिसमें एक पुष्प (फूल) की इच्छाओं और उसकी बलिदानी भावना का सुंदर वर्णन किया गया है। इस कविता के माध्यम से, कवि ने देशभक्ति और आत्म-समर्पण की भावना को प्रस्तुत किया है। पुष्प की अभिलाषा / माखनलाल चतुर्वेदी चाह नहीं, मैं सुरबाला केगहनों में गूँथा

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manu baker

धाकड़ मनु भाकर / शिवराज चौहान, हरियाणा

नारी जीवन और संवेदना

मनु भाकर एक भारतीय शूटर हैं जिन्होंने अपनी युवा उम्र में ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनका पूरा नाम मनु भाकर है और वह हरियाणा, भारत से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने पिस्टल शूटिंग इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। धाकड़ मनु भाकर/ शिवराज चौहान, हरियाणा हरियाणा

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दीदी की डायरी पर कविता/ जानसी पटेल

हिंदी कविता

दीदी की डायरी पर कविता/ जानसी पटेल दीदी की डायरी में, अनगिनत कहानियाँ,सपनों की बातें और बचपन की नादानियाँ। रंग-बिरंगे पन्ने, सजी यादों से प्यारे,सुख-दुःख के पल, हर पन्ने में गुज़ारे। पहला प्यार, पहली दोस्ती की कहानी,स्कूल के दिन, और परीक्षा की निशानी। माँ की डाँट, पापा का प्यार भरा पत्र,हर पन्ना बोले, जैसे हो

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व्यक्तित्व विशेष कविता संग्रह

मन मस्त हुआ तब क्यूँ बोले / कबीरदास

हिंदी कविता

मन मस्त हुआ तब क्यूँ बोले / कबीरदास मन मस्त हुआ तब क्यूँ बोले हीरा पायो गाँठ गठियायो बार-बार बा को क्यूँ खोले हल्की थी तब चढ़ी तराजू पूरी भई तब क्यूँ तओले सूरत-कलारी भई मतवारी मदवा पी गई बिन तोले हंंसा पाए मानसरोवर ताल तलैया क्यूँ डोले तेरा साहब है घर माँ हीं बाहर

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Hindi Poem ( KAVITA BAHAR)

मैं जीने लगी

हिंदी कविता

मैं जीने लगी वक्त का सरकनाऔर उनके पीछेमेरा दौड़ना  ये खेल निरन्तर   चल रहा हैकहाँ थे औरकहाँ आ गये।   कलेन्डर बदलता रहा   पर मैं यथावतजीने की कोशिशभागंमभाग जिन्दगी    कितना समेटूमैं जीवन रुपी जिल्दसंवारती रही, औरपन्ने बिखरते गये।   एक कहावत सुनीऔर जीवन सुखी हो गयाआप सब भी सुनिएजब दर्द और कड़वी गोलीसहन होने लगे  समझो जीना

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आंसू पर कविता

हिंदी कविता

आंसू पर कविता दर्द जब पिघलता है तो बह आते हैं आँसूसुख में हों या हो दुख में रह जाते हैं आँसू विकट वेदना पीर बहेआघातों के तीर सहेकंपित अधरें मौन रहेगूंगी वाणी व्यथा कहे सूनी सूनी  पलकों पर हिमकण जम जाते हैं आँसू वेदना जब गीत गाती कोख पीड़ा की भर जाती विदीर्ण होते

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