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वक़्त से मैंने पूछा-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
दिखा दे अपनी मानवता- शशिकला कठोलिया
मैं हूं एक लेखनी-शशिकला कठोलिया
वर्षा ऋतु पर कविता -हरीश पटेल
मन करता है कुछ लिखने को-अमित कुमार दवे
चित चोर राम पर कविता / रश्मि
आत्महंता का अधिकार -आर आर साहू
आर आर साहू-भावभरे दोहे
मानवता पर कविता -भुवन बिष्ट
मेरा जीवन बना गुल्ली डंडा की परिभाषा-बाँके बिहारी बरबीगहीया
न आंसू न आहें न कोई गिला है-नीतू ठाकुर
गंगा की गरिमा रखे – मदन सिंह शेखावत
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