वक़्त से मैंने पूछा-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
हिंदी कवितावक़्त से मैंने पूछा वक़्त से मैंने पूछाक्या थोड़ी देर तुम रुकोगे ?वक़्त ने मुस्करायाऔरप्रतिप्रश्न करते हुएक्या तुम मेरे साथ चलोगे?आगे बढ़ गया…। वक़्त रुकने के लिए विवश नहीं थाचलना उसकी आदत में रहा है सो वह चला गयातमाम विवशताओं से घिरा मैं चुपचाप बैठा रहावक्त के साथ नहीं चलापरवक्त के जाने के बादउसे हर पल […]
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