हर गीत तुम्हारे नाम लिखूंगी
Uncategorizedहर गीत तुम्हारे नाम लिखूंगी हे मितवा मनमीत मेरेहर गीत तुम्हारे नाम लिखूंगीशब्दों में जो बंध ना पायेऐसे कुछ अरमान लिखूंगी प्रीत के पथ के हम दो राही तेरा नेह बनाकर स्याही अपने अनुरागी जीवन में तुझको अपनी जान लिखूंगी खुद को खोकर तुझको पायाईश मेरे मै तेरी छायाअपना सबकुछ अर्पण करकेतुझको ही पहचान लिखूंगी जन्मों जनम तुम्हीं […]
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