पर्यावरण पर कविता-बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
हिंदी कवितापर्यावरण पर कविता पर्यावरण खराब हुआ, यह नहिं संयोग।मानव का खुद का ही है, निर्मित ये रोग।। अंधाधुंध विकास नहीं, आया है रास।शुद्ध हवा, जल का इससे, होय रहा ह्रास।। यंत्र-धूम्र विकराल हुआ, छाया चहुँ ओर।बढ़ते जाते वाहन का, फैल रहा शोर।। जनसंख्या विस्फोटक अब, धर ली है रूप।मानव खुद गिरने खातिर, खोद रहा कूप।। […]
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