मन में जो तू ठान ले / रामनाथ साहू ” ननकी “
हिंदी कवितामन में जो तू ठान ले / रामनाथ साहू ” ननकी “ मन में जो तू ठान ले ,कुछ भी करले मीत ।हौसला गिराना नहीं , होगी निश्चित जीत ।।चरण स्पर्श है बंदगी , कृपा करे सब संत ।मन के कल्मष मेट दे, करे सकल दुख अंत ।।लोगों यह तन कुंभ है ,भरा हुआ जल […]
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