संविधान शुभचिंतक सबका
हिंदी कवितासंविधान शुभचिंतक सबका (आल्हा छंद) विश्लेषकजन का विश्लेषण, सुधीजनों का है उपहार।संविधान शुभचिंतक सबका, बांटे जो जग में अधिकार।। जन मानस सब विधि के सम्मुख, कहते होते एक समान।अपने मत का पथ चुन लें हम, शिक्षा का भी मुक्त विधान।।समता से अवसर हो हासिल, सबके सपने हों साकार।संविधान शुभचिंतक सबका, बांटे जो जग में अधिकार।।
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