नारी के अधिकार पर कविता – बाबूराम सिंह
नारी जीवन और संवेदना, हिंदी कवितानारी के अधिकार पर कविता – बाबूराम सिंह नारी है नारायणी जननी जगत जीव की ,सबहीं की गुरु सारी सृष्टि की श्रृंगार है ।जननीकी जननीभी नारीकी विशेषता है ,महिमा नारी की सदा अगम अपार है ।जननी बहिन बहु -बेटी धर्मपत्नी बन ,सुखद बनाती सदा घर परिवार है।आदर सत्कार मान”कवि बाबूराम “कर ,औरत के बिना सही
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