नारी जीवन और संवेदना

mother their kids

माँ पर दोहे / मातृ दिवस पर दोहे

नारी जीवन और संवेदना

परम्परानुसार इस दिन प्रतीकात्मक उपहार देने तथा कुछ परम्परागत महिला कार्य जैसे अन्य सदस्यों के लिए खाना बनाने और सफाई करने को प्रशंसा के संकेत के रूप में चिह्नित किया गया था। मातृ दिवस, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में कई देशों में 8 मार्च को मनाया जाता हैं। माँ पर दोहे- प्रेमचन्द साव “प्रेम” ममतामयी ममत्व की,है पावन प्रतिरूप।श्रेष्ठ […]

माँ पर दोहे / मातृ दिवस पर दोहे Read More »

mother their kids

मां पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

मातृपितृ पूजा दिवस भारत देश त्योहारों का देश है भारत में गणेश उत्सव, होली, दिवाली, दशहरा, जन्माष्टमी, नवदुर्गा त्योहार मनाये जाते हैं। कुछ वर्षों पूर्व मातृ पितृ पूजा दिवस प्रकाश में आया। आज यह 14 फरवरी को देश विदेश में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ में रमन सरकार द्वारा प्रदेश भर में आधिकारिक रूप से मनाया जाता है माँ

मां पर कविता Read More »

कुछ ले दे के साब ( व्यंग्य ) – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

नारी जीवन और संवेदना

इस व्यंग्य को केवल व्यंग्य की दृष्टि से ही पढ़े यह केवल मनोरंजन के लिए है | जो भी सन्दर्भ इसमें दिए गए हैं वे केवल कल्पना मात्र हैं जिसका सच से कोई सम्बन्ध नहीं है |
कुछ ले दे के साब ( व्यंग्य ) – अन्य लेख – व्यंग्य – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

कुछ ले दे के साब ( व्यंग्य ) – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम” Read More »

शिव स्तुति

नारी जीवन और संवेदना

इन्द्रवज्रा/उपेंद्र वज्रा/उपजाति छंद

बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’प्रस्तुत कविता शिव स्तुति भगवान शिव पर आधारित है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव महादेव, भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ, गंगाधार आदि नामों से भी जाना जाता है।

शिव स्तुति Read More »

तुम न छेड़ो कोई बात – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

नारी जीवन और संवेदना

इस कविता के माध्यम से मानव को सही दिशा में बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया है |
तुम न छेड़ो कोई बात – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

तुम न छेड़ो कोई बात – कविता – मौलिक रचना – अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम” Read More »

हाइकु

झूला झूले फुलवा- ताँका संग्रह की समीक्षा

नारी जीवन और संवेदना

मेरी यह पुस्तक -‘ झूला झूले फुलवा ‘ – हिंदी ताँका की विश्व मे पहली इ पुस्तक है। इसकी समीक्षा ज्योत्सना प्रदीप -विख्यात साहित्यकार ने की है।
ताँका एक जापानी शैली की रचना विधा है ।

झूला झूले फुलवा- ताँका संग्रह की समीक्षा Read More »

हिंदी संग्रह कविता-न यह समझो कि हिन्दुस्तान की तलवार सोई है

नारी जीवन और संवेदना

न यह समझो कि हिन्दुस्तान की तलवार सोई है न यह समझो कि हिन्दुस्तान की तलवार सोई है। जिसे सुनकर दहलती थी कभी छाती सिकंदर की,जिसे सुनकर कि कर से छूटती थी तेग बाबर की,जिसे सुन शत्रु की फौजें बिखरती थीं, सिहरती थीं,विसर्जन की शरण ले डूबती नावें उभरती थीं।हुई नीली कि जिसकी चोट से

हिंदी संग्रह कविता-न यह समझो कि हिन्दुस्तान की तलवार सोई है Read More »

माघ शुक्ल शीतला छठि पर कविता

नारी जीवन और संवेदना

माघ शुक्ल शीतला छठि पर कविता माघ शुक्ल की छठि तिथी ,से ठंडी का अन्त ।इसे शीतला छठि कहें ,जानकार सब सन्त।।इस छठि का व्रत लाभप्रद,नारी को है खास।दैहिक-दैविक ताप से,मुक्ती बिना प्रयास।।मातु शीतला की कृपा,संतति करे प्रदान।देता है सौभाग्य भी,पुष्ट करे मन-प्रान।।इस व्रत मे चूल्हा सदा,जलने मे प्रतिबन्ध।बासी भोजन भोग मेकरने का अनुबन्ध।।रोग विकारों

माघ शुक्ल शीतला छठि पर कविता Read More »

Scroll to Top